Who Was Alexei Navalny : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के धुर-विरोधी एलेक्सी नवलनी की जेल में मौत हो गई है। उनकी मौत एक राजनीतिक हत्या मानी जा रही है, क्योंकि अगले महीने रूस में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। हालांकि, ये तो जांच का विषय है। कुछ दिन पहले ही एलेक्सी नवलनी को यमालो-नेनेट्स क्षेत्र की जेल में शिफ्ट किया गया था। इससे पहले भी उन्हें मारने की कोशिश की गई थी। आइए जानते हैं कौन थे एलेक्सी नवलनी, जिन्होंने पुतिन सरकार के खिलाफ किया था बड़ा खुलासा।
एलेक्सी नवलनी का जन्म साल 1976 में हुआ था। उन्होंने वकालत की पढ़ाई की थी। वे एक जाने माने वकील भी थे। उनकी लोकप्रियता एक ब्लॉग से बढ़ी थी, जिसमें उन्होंने सरकार के विभागों में हुए घोटाला का खुलासा किया था। इसकी वजह से कई अधिकारियों के साथ कई मंत्रियों और नेताओं को अपना पद छोड़ना पड़ा था।
साल 2011 में पहली बार जेल गए थे नवलनी
इसके बाद एलेक्सी नवलनी लगातार सोशल मीडिया के सहारे सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे। साल 2011 में वे पहली बार गिरफ्तार हुए थे। उन पर सरकार के खिलाफ ब्लॉग लिखने और संसद के बाहर प्रदर्शन करने आरोप था। इस दौरान उन्हें 15 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। इसके बाद भी उन्होंने सरकार के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखी।
पुतिन सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ रखे थे नवलनी
इसके एक साल के बाद 2012 में रूस में राष्ट्रपति चुनाव हुआ और व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति बन गए। एलेक्सी नवलनी लगातार पुतिन सरकार के खिलाफ माहौल बनाते रहे। इस पर सरकार ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर बैन लगा दिया था। एलेक्सी नवलनी साल 2013 में पहली बार मेयर चुनाव लड़े थे, लेकिन वे हार गए थे।
सरकार ने नवलनी को फंसाने की भी कोशिश की थी
रूस के किरोव शहर में एक आगजनी की घटना हुई थी, जिसमें नवलनी को फंसा दिया गया। इस मामले में उनके खिलाफ कई केस दर्ज किए गए। साथ ही जांच कमेटी ने उन्हें दोषी माना था और पांच साल की सजा सुना दी थी। पुतिन ने इस कमेटी का गठन किया था। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट ने सबूत के अभाव में नवलनी की सजा को निलंबित कर दिया था।
अप्रैल 2017 की रैली में जख्मी हो गए थे एलेक्सी नवलनी
एलेक्सी नवलनी सोशल मीडिया और रैलियों के माध्यम से पुतिन सरकार के भ्रष्टाचार का खुलासा करते हैं। फरवरी 2017 में उनकी एक रैली पुतिन को अच्छी नहीं लगी थी। इस पर सरकार ने नवलनी समेत एक हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके दो महीने के बाद अप्रैल में नवलनी ने फिर रैली निकाली, जिस पर बड़ा हमला हुआ था। इस हमले में नवलनी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
विमान यात्रा के दौरान नवलनी को दिया गया था जहर
नवलनी साल 2020 में विमान से कहीं जा रहे थे, उस दौरान उन्हें प्लेन में जहर दिया गया था। इसे लेकर कई देशों ने आक्रोश व्यक्त किया था और आरोप लगाया था कि रूस की ओर से नवलनी को जान से मारने की कोशिश की गई थी। हालांकि, जर्मनी में इलाज से उनकी जान बच गई। जब वे जर्मनी से रूस लौटे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।