Video: लेबनान में पेजर ब्लास्ट का वीडियो आया सामने, देखें कैसे हुआ धमाका और मरने लगे लोग?

Lebanon Blast: लेबनान में मंगलवार शाम को अचानक लोगों की जेबों में रखे पेजर एक-एक फटने लगे। इस ब्लास्ट से पूरे लेबनान में 1 घंटे में 4 हजार से अधिक लोग घायल हो गए। जबकि 11 लोगों की मौत हो गई। घायलों में ईरानी राजदूत भी शामिल है।

Pager Blast in Lebanon

Pager Blast in Lebanon

Pager Blast in Lebanon: लेबनान में पेजर में हुए ब्लास्ट से अब तक 11 लोगों की मौत हो गई। जबकि 4000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों में लेबनान में ईरान के राजदूत भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पेजर्स को हैक कर ब्लास्ट किया गया। इस पेजर्स का इस्तेमाल हिजबुल्लाह के लड़ाके करते हैं। इस ब्लास्ट के पीछे इजराइल का हाथ बताया जा रहा है। वहीं हमलों के बाद हिजबुल्लाह ने बयान जारी कर कहा कि इस हमले के पीछे इजराइल का हाथ है। हालांकि अभी तक इजराइल ने इसको लेकर कुछ नहीं कहा है।

कई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह को निशाना बनाने के लिए पेजर के साथ छेड़छाड़ की थी। इन पेजर में पांच महीने पहले ही निर्माता कंपनियों ने सांठगांठ कर विस्फोटक फिट कर दिए गए थे। लेबनान में मंगलवार को अचानक घरों, सड़कों, बाजारों में लोगों की जेब में विस्फोट होने लगे। एक घंटे तक लेबनान से लेकर सीरिया तक लगातार ब्लास्ट हुए। इस हमले को हिजबुल्लाह के कम्यूनिकेशन सिस्टम पर सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है।

सीरिया में भी हुए ब्लास्ट

न्यूयाॅर्क टाइम्स के अनुसार लेबनान के अलावा सीरिया के भी कई इलाकों में पेजर फटने का मामला सामने आया है। सीरिया में 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इनमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। इस ब्लास्ट में हिजबुल्लाह के एक सांसद बेटे की भी मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद हिजबुल्लाह सांसद ने कहा कि ये लेबनान के खिलाफ इजराइल की नई लड़ाई। सही वक्त आने पर इसका बदला लिया जाएगा।

पेजर क्यों इस्तेमाल करता है हिजबुल्लाह

न्यूयाॅर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 7 अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमले के बाद हिजबुल्लाह के मेंबर्स ने बड़े स्तर पर पेजर्स का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। ताकि इजराइल की खुफिया एजेंसियां उन्हें ट्रैक नहीं कर पाए।

जानिए पेजर क्या है

पेजर एक वायरलेस डिवाइस होता है जिसे बीपर के नाम से जाना जाता है। पेजर का पहली बार इस्तेमाल अमेरिका के न्यूयाॅर्क में हुआ था। तब पेजर के जरिए 40 किमी. की रेंज में मैसेज भेजा जा सकता था। 1980 के बाद इसका इस्तेमाल पूरी दुनिया में होने लगा। 2000 के बाद वाॅकीटाॅकी और मोबाइल फोन का इस्तेमाल बढ़ने के बाद पेजर का उपयोग कम हो गया।

कंपनी के सीइओ ने क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पेजर बनाने वाली ताइवानी कंपनी गोल्ड अपोलो कंपनी के सीइओ चिंग कुआंग ने कहा कि लेबनान में जिस तरह पेजर्स पर धमाके हुए हैं, वे डिवाइस उन्होंने नहीं बनाए हैं। इससे पहले ये दावा किया जा रहा था कि गोल्ड अपोलो से पेजर मंगवाए थे।

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