मुख्य बिंदु
- TRAI ने सिर्फ वॉइस और एसएमएस वाले अलग रिचार्ज प्लान का प्रपोजल दिया है.
- बिना डेटा वाले 7, 28, 56 और 84 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान लाए जा सकते हैं.
- सिर्फ वॉइस वाले रिचार्ज पैक 50 फसीदी से 70 फीसदी तक सस्ते हो सकते हैं.
- फीचर फोन यूजर्स, सीनियर सिटिजन और वाई-फाई यूजर्स को फायदा होने की उम्मीद है.
- रूल को फाइनल करने से पहले जनता और इंडस्ट्री से मिली राय पर विचार किया जाएगा.
Voice Only Mobile Recharge Plans: जो मोबाइल यूजर्स खास तौर से वॉइस कॉल और एसएमएस सर्विस पर डिपेंड हैं, और डेटा यूज नहीं करते उन्हें जल्द ही सस्ते रिचार्ज ऑप्शन मिल सकते हैं. टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने 'टेलीकम्युनिकेशन कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशंस 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें बिना मोबाइल डेटा वाले अलग रिचार्ज प्लान का प्रपोपजल है. रेगुलेटर ने रूल फाइनल होने से पहले टेलीकॉम ऑपरेटर्स, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और आम जनता से सुझाव भी मांगे हैं.
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किन लोगों को होगा फायदा?
इस प्रपोपजल का मकसद उन ग्राहकों की कॉमन प्रॉब्लम को दूर करना है जिन्हें इंटरनेट सर्विस की जरूरत नहीं होती, लेकिन फिर भी उन्हें ऐसे बंडल रिचार्ज प्लान खरीदने पड़ते हैं जिनमें मोबाइल डेटा शामिल होता है. ड्राफ्ट नियमों के तहत, टेलीकॉम कंपनियों को डेटा वाले प्लान जितनी ही वैलिडिटी वाले सिर्फ वॉइस और एसएमएस वाले रिचार्ज पैक भी देने होंगे.
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कंज्यूमर्स की जरूरतों का ख्यालय
इस प्रपोजल के मुताबिक, अगर टेलीकॉम ऑपरेटर 7 दिन, 28 दिन, 56 दिन या 84 दिन की वैलिडिटी वाले रिचार्ज पैक देते हैं, तो उन्हें उन ड्यूरेशंस के लिए सिर्फ कॉल और एसएमएस वाले ऑप्शंस भी लाने होंगे. इससे यूजर्स को अपनी असल जरूरत के हिसाब से प्लान चुनने की ज्यादा आजादी मिलेगी, न कि उन सर्विस के लिए पैसे देने होंगे जिनकी उन्हें जरूरत नहीं है.
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कितना सस्ता होगा प्लान
इंडस्ट्री के एस्टिमेट बताते हैं कि कई रिचार्ज प्लान की कुल कीमत में मोबाइल डेटा का हिस्सा लगभग 50 फीसदी से 70 फीसदी होता है. अगर डेटा को हटा दिया जाए, तो सिर्फ वॉइस वाले पैक काफी सस्ते हो सकते हैं. मिसाल के तौर पर, अभी जो रिचार्ज लगभग 600 रुपये का है, वो ऑपरेटर की प्राइसिंग स्ट्रेटेजी के आधार पर 300 से 250 रुपये के आसपास हो सकता है. हालांकि, नियमों के मंजूर होने के बाद टेलीकॉम कंपनियां ही फाइनल टैरिफ तय करेंगी. इन बदलाओं से फीचर फोन यूजर्स, सीनियर सिटिजन, कॉल के लिए सेकेंडरी सिम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों और इंटरनेट के लिए खास तौर से वाई-फाई पर डिपेंड रहने वाले परिवारों को फायदा होने की उम्मीद है.
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कॉल को ब्लॉक करने के नियम
TRAI ने कॉल आइडेंटिफिकेशन से जुड़े बदलावों का भी प्रपोजल दिया है. ड्राफ्ट नियमों के तहत, कॉल मैनेजमेंट एप्लिकेशन को 1600 सीरीज से आने वाली कॉल को ब्लॉक करने की इजाजत नहीं होगी; ये नंबर बैंक, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, रेगुलेटर और सरकारी एजेंसियों के लिए रिजर्व होते हैं. 140 सीरीज से आने वाली कॉल, जिनका इस्तेमाल आम तौर पर प्रमोशनल कम्युनिकेशन के लिए होता है, उन्हें अभी भी 'डू नॉट डिस्टर्ब' (DND) सर्विस के जरिए मैनेज किया जा सकेगा.
अभी प्रॉसेस में है ये काम
कंसल्टेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, टेलीकॉम ऑपरेटर्स को नया फ्रेमवर्क लागू करने के लिए वक्त दिया जाएगा. अगर मंजूरी मिल जाती है, तो ये नियम टेलीकॉम सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ा सकते हैं और साथ ही ग्राहकों को ज्यादा सस्ते और कस्टमाइज्ड रिचार्ज ऑप्शन दे सकते हैं.
निष्कर्ष
TRAI के ड्राफ्ट नियमों का मकसद मोबाइल डेटा से वॉइस और एसएमएस सर्विस को अलग करके ग्राहकों को ज्यादा ऑप्शंस देना है. अगर इसे लागू किया जाता है, तो ये प्रपोजल उन करोड़ों यूजर्स के लिए रिचार्ज का खर्च कम कर सकता है जो शायद ही कभी मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. सस्ता होने के साथ-साथ, इन बदलावों से टेलीकॉम ऑपरेटरों के बीच सही कीमत और ज्यादा कॉम्पिटिशन को बढ़ावा मिल सकता है. आखिरी फैसला स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत पर डिपेंड करेगा, लेकिन ये प्रपोजल ज्यादा फ्लेक्सिबल और कंज्यूमर फ्रेंडली मोबाइल रिचार्ज ऑप्शन देने की दिशा में एक अहम कदम है.