मुख्य बिंदु
- नया एक्सप्रेसवे अब DND फ्लाईवे से शुरू होगा.
- ये ग्रेटर नोएडा में 'ची-IV' पर यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा.
- बदले हुए रूट की लंबाई लगभग 36 किलोमीटर होने की उम्मीद है.
- इस प्रोजेक्ट का मकसद नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम को कम करना है.
- अधिकारियों की प्लानिंग है कि एक्सप्रेसवे का काम 2 साल में पूरा कर लिया जाए.
Noida Expressway Bypass: दिल्ली, नोएडा और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए प्लान किए गए नए 8-लेन वाले एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के रूट में एक अहम बदलाव किया गया है. अब ये प्रपोज्ड कॉरिडोर डीएनडी फ्लाईवे से शुरू होगा और ग्रेटर नोएडा में Chi-IV पर यमुना एक्सप्रेसवे तक जाएगा, जो गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के पास है. नोएडा अथॉरिटी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की एक जॉइंट मीटिंग में इस बदले हुए रूट की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट की टेक्निकल और इंजीनियरिंग डिटेल्स को फाइनल करने के लिए जल्द ही एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी.
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बदला गया रूट
शुरू में, इस एक्सप्रेसवे को ओखला बैराज के पास सेक्टर 94 से शुरू करने का प्रपोजल था, लेकिन प्लानर्स ने रूट बदलने का फैसला किया. नए रूट से कॉरिडोर की लंबाई लगभग 5 किलोमीटर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे ये पहले प्लान किए गए 31 किलोमीटर के स्ट्रेच से लंबा हो जाएगा.
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क्यों चेंज हुआ प्लान?
पहले इस सड़क को सीधे डीएनडी फ्लाईवे से जोड़ने के प्रपोजल पर ओखला बर्ड सैंक्चुअरी और दलित प्रेरणा स्थल की वजह से पर्यावरण संबंधी चिंताएं जताई गई थीं. अब अधिकारी एक नए रूट पर काम कर रहे हैं जो इन चुनौतियों का समाधान करेगा और साथ ही ग्रेटर नोएडा और यमुना डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ तालमेल भी बिठाएगा.
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एलिवेटेड रोड के फायदे
इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को बिजी नोएडा एक्सप्रेसवे पर भीड़ कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के बाद इस एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक काफी बढ़ने की उम्मीद है. ये कॉरिडोर सेक्टर 94, 95 और 125 से 135 से होकर गुजरेगा और रिहायशी इलाकों, बिजनेस हब और आस-पास के गांवों को कनेक्टिविटी देगा.
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कब तक पूरा होगा काम?
अधिकारियों के मुताबिक, एलिवेटेड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को 2 साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इससे दिल्ली, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे और बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच यात्रा तेज होगी और मौजूदा सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव कम होगा.
यमुना पुश्ता रोड की होगी मरम्मत
अधिकारियों ने यमुना पुश्ता रोड की हालत की भी समीक्षा की, जहां मरम्मत और नई सड़क बनाने का काम प्लान किया गया है. नोएडा अथॉरिटी ने इस प्रोजेक्ट के लिए पहली किश्त के तौर पर 11 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं, जबकि मरम्मत का कुल खर्च 34 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा और 3 महीने के भीतर पूरा हो जाएगा.
निष्कर्ष
प्रपोज्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर इलाके के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा सुधार है. डीएनडी फ्लाईवे से यमुना एक्सप्रेसवे तक सीधा कनेक्शन देकर, इस प्रोजेक्ट से ट्रैफिक का बहाव बेहतर होने, यात्रा का समय कम होने और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक यात्रियों की बढ़ती आवाजाही में मदद मिलने की उम्मीद है. यमुना पुश्ता रोड पर सड़क की मरम्मत की योजना के साथ-साथ, इस पहल से इलाके में कनेक्टिविटी मजबूत होने और भविष्य में ट्रांसपोर्ट की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है, क्योंकि एयरपोर्ट और आसपास के शहरी इलाकों का विकास हो रहा है.