मुख्य बिंदु
- चेन्नई एयरपोर्ट के मॉडर्नाइजेशन का काम दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है.
- 2,467 करोड़ रुपये का ये रीडेवलपमेंट काम 2 स्टेजेज में किया जा रहा है.
- टर्मिनल 3 से पैसेंजर्स की कैपेसिटी बढ़कर 35 मिलियन पैसेंजर पर ईयर हो जाएगी.
- चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का पांचवां सबसे व्यस्त हवाईअड्डा बना हुआ है.
- त्रिची और कोयंबटूर एयरपोर्ट पर भी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने का काम चल रहा है.
Chennai Airport Modernisation Deadline: केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मॉडर्नाइजेशन और एक्सपैंशन का काम दिसंबर 2026 के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना वायरस महामारी, भयंकर चक्रवात और लंबे समय तक भारी बारिश के कारण निर्माण कार्यों में रुकावट आई, जिसके चलते नया शेड्यूल बनाना जरूरी हो गया था.
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2,467 करोड़ रुपये की लागत
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने संसद को बताया कि एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) कुल 2,467 करोड़ रुपये के निवेश से इस प्रोजेक्ट को 2 स्टेज में पूरा कर रही है. इस रीडेवलपमेंट का मकसद पैसेंजर्स के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना, एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाना और तमिलनाडु में एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है.
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पहला स्टेज पूरा
प्रोजेक्ट का पहला स्टेज एक नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण के साथ पूरा हो चुका है, जो 2023 में चालू हो गई थी. इस डेवलपमेंट वर्क से एयरपोर्ट की सालाना पैसेंजर्स कैपेसिटी 23 मिलियन (MPPA) से बढ़कर 30 MPPA हो गई, जिससे कामकाज आसान हुआ और मुसाफिर को बेहतर सेवाएं मिलीं.
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दूसरा स्टेज का काम जारी
दूसरा स्टेज टर्मिनल 3 के कंस्ट्रक्शन पर फोकस्ड है, जिसके पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता बढ़कर 35 MPPA होने की उम्मीद है. मोहौल ने बताया कि जून 2026 तक इस प्रोजेक्ट पर 1,762.08 करोड़ रुपयो खर्च किए जा चुके हैं, जो डेवलपमेंट के फाइनल स्टेज की तरफ अहम प्रोग्रेस को दर्शाता है.
बेहतर हुई एयरपोर्ट की एफिशिएंसी
मंत्री ने एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए निवेश पर भी बात की. पिछले 5 सालों में, AAI ने चेन्नई एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही और कामकाज की एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए रैपिड-एक्जिट टैक्सीवे, टैक्सी ट्रैक और लिंक टैक्सीवे जैसी सुविधाओं पर 236.75 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
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5वां सबसे बिजी एयरपोर्ट
पैसेंजर्स ट्रैफिक को लेकर जताई गई चिंताओं का जवाब देते हुए सरकार ने साफ किया कि 2022-23 फाइनेंशियल ईयर से चेन्नई एयरपोर्ट लगातार भारत का 5वां सबसे बिजी एयरपोर्ट बना हुआ है. सरकार ने ये भी बताया कि अभी फ्लाइट स्लॉट की कोई कमी नहीं है और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास स्लॉट आवंटन के लिए किसी एयरलाइन का कोई रिक्वेस्ट पेंडिंग नहीं है.
2 और हवाईअड्डे का भी विकास
सरकार ने तमिलनाडु के दूसरे एयरपोर्ट्स के बारे में भी जानकारी दी. तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट पर 80 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टॉवर-कम-टेक्निकल ब्लॉक का 76% काम पूरा हो चुका है. वहीं, कोयंबटूर एयरपोर्ट पर फ्यूचर में एक्सपेंशन के लिए 51 करोड़ रुपये की बाउंड्री वॉल और 14 करोड़ रुपये के टर्मिनल में बदलाव का काम शुरू हो गया है.
निष्कर्ष
चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मॉडर्नाइजेशन भारत के एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा निवेश है. पूरा होने पर, ये बड़ा एयरपोर्ट ज्यादा पैसेंजर्स को हैंडल कर सकेगा, कामकाज की क्षमता बेहतर होगी और बेहतर ट्रैवल फैसिलिटीज मिलेंगी. प्राकृतिक आपदाओं और महामारी के कारण हुई देरी के बावजूद, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. त्रिची और कोयंबटूर एयरपोर्ट पर हो रहे विकास के काम के साथ-साथ, ये प्रोजेक्ट एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने और डोमेस्टिक और इंटरनेशनल एयर ट्रैवल की बढ़ती डिमांड को पूरा करने पर सरकार के फोकस को दिखाते हैं.