Little Fat Black Shirt: बेंगलुरु के एक शख्स को अपने रेस्टोरेंट बिल पर एक अजीब सी शब्दों को देखकर काफी बुरा लगा; इसमें उसका नाम लिखने के बजाय उसके रूप-रंग और शरीर के आकार पर कमेंट किया गया था. बिल की पर्ची में क्रिएटिव राइटिंग में लिखना काफी कॉमन है, लेकिन अगर कही गई बात तंज लगे तो कस्टमर का ऐतराज करना लाजमी है.
क्या है पूरा वाक्या?
ये वाक्या r/Bangaloresocial कम्युनिटी पर शेयर की गई एक Reddit पोस्ट से सामने आई. कस्टमर ने बताया कि वह कोरमंगला इलाके के एक रेस्टोरेंट में गया था, उसने अपना ऑर्डर दिया और पेमेंट पूरा किया. रसीद चेक करते समय उसने देखा कि कस्टमर की जानकारी वाले हिस्से में उसके नाम के बजाय "Little fat black shirt" (थोड़ा मोटा काली शर्ट) लिखा था.
यह भी पढ़ें- अंतरिक्ष से कैसा दिखता है महाकुंभ मेला? NASA एस्ट्रोनॉट ने शेयर की तस्वीर
---विज्ञापन---
बॉडी शेमिंग का आरोप
उस शक्स ने बिल की एक तस्वीर ऑनलाइन पोस्ट की और सवाल किया कि कस्टमर की पहचान के लिए उसके शारीरिक रूप-रंग का इस्तेमाल क्यों किया गया. उसने कहा कि इसके बजाय नाम, टेबल नंबर या ऑर्डर की जानकारी जैसी डिटेल्स का इस्तेमाल किया जा सकता था. उसने ये भी कहा कि शरीर के आकार के बारे में किए गए कमेंट्स को सिर्फ इसलिए हार्मलेस मजाक नहीं माना जाना चाहिए क्योंकि यहां पीड़ित एक पुरुष है. इस पोस्ट ने तेजी से लोगों का अटेंशन अपनी तरफ खींचा और Reddit यूजर्स के बीच इस बात पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या ये शब्द कस्टमर की पहचान करने का एक इनफॉर्मल तरीका था या ये 'बॉडी-शेमिंग' की हद पार कर गया था.
रेस्टोरेंट ने मांगी माफी
बाद में रेस्टोरेंट ने इंस्टाग्राम के जरिए पब्लिकली से इस मामले पर बात की और घटना के लिए माफी मांगी. कंपनी ने कहा कि कुछ मुद्दों पर खुलकर बात करने की जरूरत है ताकि ऐसे बिहेवियर को बढ़ावा न मिले. रेस्टोरेंट ने कस्टमर से कहा कि जो हुआ उसके लिए उन्हें खेद है और उसे अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अवेलेबल शिकायत फॉर्म के जरिए 'इंटरनल कंप्लेंट्स कमीशन' से संपर्क करने के लिए कहा. रेस्टोरेंट ने 'बॉडी-शेमिंग' की भी कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसा बर्ताव किसी भी हालात में सही नहीं है.
---विज्ञापन---
छिड़ी ऑनलाइन बहस
जहां कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पब्लिकली जिम्मेदारी लेने के लिए रेस्टोरेंट की तारीफ की, वहीं दूसरों ने कहा कि बिल में लिखा डिटेल बेवजह और अपमानजनक था. इस घटना ने एक बार फिर इस बात पर चर्चा छेड़ दी है कि बिजनेस कस्टमर्स की पहचान कैसे करते हैं और क्या अपीयरेंस के बेस पर लेबल लगाने से बेवजह शर्मिंदगी या नुकसान हो सकता है.
---विज्ञापन---