इस लड़के ने क्यों पहनी साड़ी? श्री राम का उदाहरण देकर बताई ये वजह

Men In Saree Viral Video : एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें साड़ी पहनकर जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में एक शख्स शामिल होता दिखाया गया है।

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का वायरल वीडियो

Men In Saree Viral Video: साड़ी को भारतीय महिलाओं का प्रमुख पहनावा माना जाता है। साड़ी पहनना बहुत पुरानी परंपरा है। साड़ी को विश्व की सबसे लंबी और सबसे पुराने परिधानों में से एक गिना जाता है। हालांकि साड़ी सिर्फ महिलाओं तक ही सीमित नहीं है। कई लड़के भी अब खुलकर महिलाओं की तरफ साड़ी पहन रहे हैं और कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। ऐसे एक लड़के का वीडियो वायरल हो रहा है।

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़का साड़ी पहनकर एक कार्यक्रम में शामिल हुआ है। जब इस लड़के से साड़ी पहनने के पीछे का कारण पूछा गया तो उसने उदाहरण देते हुए जवाब दिया है। वायरल वीडियो जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का बताया जा रहा है।

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वीडियो में दिखाई दे रहा है कि करण विग नाम का एक शख्स साड़ी पहनकर फेस्टिवल में पहुंचा था। जब उससे सवाल पूछा गया कि तुमने साड़ी क्यों पहनी है तो उसने बताया कि साड़ी ऐसा पहनावा है, जिसे पहचान की कोई जरूरत ही नहीं है। ये साढ़े छह मीटर का है, नीचे है तो धोती है और ऊपर भी है तो साड़ी है। कपड़े से इंसान की पहचान नहीं होनी चाहिए, उसके दिल से होनी चाहिए।

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लड़के से पूछा गया कि साधारण तौर पर साड़ियां महिलाएं पहनती हैं? इस पर उसने जवाब दिया कि ये सब हमने बनाया है कि महिलाएं पहनती हैं। शास्त्रों को उठाकर देखिये किसने नहीं पहना? शिखंडी ने पहना, राम जी जब वनवास में थे तो धोती ही तो पहनते थे और ऊपर दुपट्टा था। बहुत लोगों ने पहना है। सोच बदलिए, इंसान बदलेगा।

अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि भारत विश्वगुरु बनने से बस चंद कदम दूर है। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि पहनावा इनका व्यक्तिगत विषय है, इनके पहनावे इत्यादि पर टीका टिप्पणी करके कुछ लोगों ने अपनी सड़ी हुई मानसिकता का परिचय दिया है। पहनावे को लेकर उनका मजाक उड़ाने का हक आपको किसने दिया?

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एक ने लिखा कि देश में हर किसी को आजादी है अपने मन का पहनने की, कम से कम अश्लीलता तो नहीं फैला रहे? कुछ लोगों को सिर्फ मजाक बनाना आता है। एक ने लिखा कि अच्छा हुआ साड़ी पहन कर आया, बिकनी पहन कर आता तो लोग पागल हो जाते। एक ने लिखा कि हमें सभी का सम्मान करना चाहिए, किसी का व्यक्तिगत मजाक उड़ाना अपमान है।

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साड़ी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि कई देशों में पहना जाता है। साड़ी भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में पारंपरिक रूप से पहना जाने वाला एक परिधान है। साड़ियों में कांजीवरम साड़ी, बनारसी साड़ी, पटोला साड़ी और हकोबा मुख्य हैं। मध्य प्रदेश की चंदेरी, महेश्वरी, मधुबनी छपाई, असम की मूंगा रशम, उड़ीसा की बोमकई, राजस्थान की बंधेज, गुजरात की गठोडा, पटौला, बिहार की तसर आदि प्रकार शामिल हैं।

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