मध्य प्रदेश के जबलपुर में चोर और पुलिस के बीच एक ऐसा ड्रामा देखने को मिला जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. रीवा-इतवारी ट्रेन में एक महिला का पर्स चुराने में नाकाम होने के बाद जब पुलिस ने पीछा किया तो चोर ने पास के एक तालाब में छलांग लगा दी. खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए वह शातिर अपराधी करीब 5 घंटे तक पानी के भीतर ही छिपा रहा. उसने सांस लेने के लिए कमल के डंठल का सहारा लिया और उसे पाइप की तरह इस्तेमाल किया. पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया तब जाकर इस अनोखे जुगाड़ का खुलासा हुआ और उसे बाहर निकालकर दबोचा गया.

पहचान छिपाने की नाकाम कोशिश

पकड़े जाने के बाद इस शातिर चोर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपना नाम और पता पूरी तरह गलत बताया. आरपीएफ की टीम जब उसे जबलपुर लेकर आई और पूछताछ शुरू की तो उसके झूठ की परतें खुलने लगीं. जांच में पता चला कि वह पहले अपने भाई के साथ मिलकर बड़ी चोरियां करता था और उसका भाई फिलहाल विशाखापट्टनम की जेल में बंद है. सीसीटीवी कैमरों के बढ़ते जाल की वजह से उसने अब रिजर्वेशन करवाकर यात्रा करना बंद कर दिया था ताकि पकड़ा न जाए. पुलिस की सतर्कता ने उसके बच निकलने के हर रास्ते को बंद कर दिया और उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई.

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दर्ज हैं 21 से ज्यादा मुकदमे

आरोपी की पहचान बिजनौर के रहने वाले हरविंदर सिंह के रूप में हुई है जो एक आदतन और पेशेवर अपराधी है. उस पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों के अलग-अलग थानों में 21 से ज्यादा गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. यह पहली बार नहीं है जब उसने इस तरह की हिमाकत की हो बल्कि वह पहले भी कई बार जेल की हवा खा चुका है. हरविंदर की सबसे बड़ी चोरी साल 2017 में सामने आई थी जब उसने विशाखापट्टनम में एक ट्रेन से 70 लाख रुपये से ज्यादा के हीरे उड़ा दिए थे.

हाईटेक सुरक्षा से डरता था चोर

जबलपुर आरपीएफ की इस कार्रवाई ने एक ऐसे अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जो हाईटेक सर्विलांस से बचने के नए-नए तरीके खोजता था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि डिजिटल सबूतों और कैमरों के डर से उसने अपनी चोरी के तरीके बदल दिए थे लेकिन पुलिस की सूझबूझ के आगे उसकी एक न चली. तालाब के ठंडे पानी में घंटों बिताने के बाद भी वह कानून के हाथ से बच नहीं पाया और अब उसे फिर से जेल भेज दिया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि ट्रेनों में होने वाली चोरी की कई अन्य वारदातों का भी जल्द ही खुलासा हो सकेगा.