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फिल्म ‘महाकाल नगरी’ के मोशन पोस्टर से मचा बवाल, निर्देशक संजीव कुमार राजपूत ने पेश की सफाई

मुम्बई: फिल्म ‘महाकाल नगरी’ के मोशन पोस्टर के रिलीज के साथ ही यह पोस्टर लोगों में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर जारी होते ही इस मोशन पोस्टर की खूब चर्चा हो रही है। संजीव कुमार राजपूत द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म के मोशन पोस्टर में दिखाया गया है कि कैसे […]

Edited By : Pushpendra Sharma | Updated: Mar 5, 2024 14:25
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Film Mahakal Nagri
Film Mahakal Nagri

मुम्बई: फिल्म ‘महाकाल नगरी’ के मोशन पोस्टर के रिलीज के साथ ही यह पोस्टर लोगों में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर जारी होते ही इस मोशन पोस्टर की खूब चर्चा हो रही है। संजीव कुमार राजपूत द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म के मोशन पोस्टर में दिखाया गया है कि कैसे एक सनानती साधु देश में आतंकवाद फैलाने और देशद्रोह का काम करने वाले आतंकी का खात्मा करता है।

निर्देशक ने तोड़ी चुप्पी 

फिल्म के इस मोशन पोस्टर को तमाम लोग जहां सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे एक विवादित पोस्टर की संज्ञा देते हुए इसे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश भी ठहरा रहे हैं। ऐसे में फिल्म के‌ लेखक और निर्देशक ने संजीव कुमार राजपूत इस चर्चित मोशन पोस्टर को लेकर अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने फ़िल्म‌ बनाने के पीछे के अपने मकसद को लेकर बात की।

आतंकवाद और आतंकवादी का कोई धर्म नहीं होता

‘महाकाल नगरी’ को लेकर संजीव कुमार राजपूत ने कहा- आतंकवाद और आतंकवादी का कोई धर्म नहीं होता। जब कोई शख्स हाथों में हथियार उठा लेता है, इंसानियत का क़त्ल करता है और देश विरोधी गतिविधियों में संलग्न पाया जाता है तो ऐसे में उसकी पहचान उसके धर्म और समुदाय की बजाय उसके कुकर्मों से होने लगती है। इंसानियत के क़ातिल और देशद्रोहियों का धर्म नहीं देखा जाता है। ऐसे में ‘महाकाल नगरी’ के मोशन पोस्टर को किसी धर्म-विशेष से जोड़कर देखना सरासर गलत है और इसे विवादों में घसीटना उचित नहीं है।

सनातनियों की शांतिप्रिय स्वभाव से दुनिया वाकिफ

निर्देशक संजीव कुमार राजपूत कहते हैं- “सनानत धर्म और सनातनियों की शांतिप्रिय स्वभाव से दुनिया वाकिफ हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि अगर देश पर कोई मुसीबत आए, आंच आए तो साधु-संत, धर्मगुरू आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ नहीं सकते। यही इस फ़िल्म का मूल है और इसी का अक्स मोशन-पोस्टर पर देखा जा सकता है।”

ऐसी है कहानी 

‘महाकाल नगरी’ की कहानी एक ऐसे शख़्स के इर्द-गिर्द घूमती है जिसके पिता भारतीय सेना के काबिल अफसर रहे चुके हैं, मगर उनका बेटा सेना में जाकर देश सेवा करने की बजाय सोचता है कि क्यों ना वह सनातन धर्म की राह अपनाए जिससे वह धर्म के साथ साथ देश सेवा भी कर सकेगा। इसी उद्देश्य से फ़िल्म का नायक सनातन धर्म की सेवा के साथ साथ देश सेवा का भी प्रण लेता है और मौका मिलने पर आतंकवाद का ख़ात्मा करने की ठान लेता है।

उल्लेखनीय है कि श्री राध्या फ़िल्म प्रोडक्शन और बृजवासी फ़िल्म्स की प्रस्तुति ‘महाकाल नगरी’ में अंकित राज, काजल चौहान, अखिलेंद्र मिश्रा, कमलेश सावंत, शाजी चौधरी, सन्नी ठाकुर, हिमांशु श्रीवास्तव और राया लबीब जैसे कलाकार अहम रोल में नज़र आएंगे। इसका निर्माण मनीष ओझा, प्रेमबीर सिंह और अलका वर्मा ने साझा तौर पर किया है।

(Zolpidem)

First published on: Apr 27, 2023 11:13 PM

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