क्या बढ़ेंगी ममता बनर्जी की मुश्किलें? शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, बंगाल में CBI को मिली जांच की खुली छूट!

राजनीतिक तौर पर यह फैसला महत्वपूर्ण महत्व रखता है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा यह सीमित सहमति ऐसे समय में आई है जब राजनीतिक और जांच-सम्बंधित मामलों की निगरानी तेज है.

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दुर्गा पूजा के महापर्व को लेकर CM सुवेंदु अधिकारी एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला। file photo

पश्चिम बंगाल सरकार ने 8 जून 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से केंद्रीय जांच एजेंसी CBI को राज्य में जांच करने की सीमित मंजूरी दे दी है. होम और हिल अफेयर्स विभाग की इस नोटिफिकेशन के अनुसार दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट (DSPE) एक्ट, 1946 की धारा 6 के तहत यह अनुमति तत्काल प्रभाव से लागू होगी. निर्णय का दायरा स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) से जुड़े मामलों तक सीमित रखा गया है.

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नोटिफिकेशन में क्या है?

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सीबीआई राज्य में उन मामलों की जांच कर सकेगी जिनमें केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों, केंद्रीय पीएसयू के कर्मियों या ऐसे किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप हों जो इन कर्मचारियों के साथ मिलकर अपराध के दायिरे में आता हो. इसका मतलब यह हुआ कि केंद्र से संबद्ध व्यक्तियों या संस्थाओं से जुड़े अपराधों की स्वतंत्र रूप से जांच के लिए सीबीआई को अब राज्य सरकार का सामान्य सहमति स्वरूप प्रवेश मिल गया है.

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अलग-अलग केस पर डिपेंड करेगी ये छूट


हालांकि, अधिसूचना ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह छूट अलग-अलग केस पर डिपेंड करता है. राज्य सरकार के नियंत्रण में कार्यरत राज्य सरकारी कर्मचारियों के मामलों में सीबीआई सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकेगी. ऐसे मामलों में सीबीआई को जांच आरम्भ करने से पहले स्पष्ट रूप से राज्य सरकार से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी. इस प्रावधान से राज्य स्वायत्तता और केंद्रिय जांच एजेंसी के क्षेत्रीय दायरे के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश दिखाई देती है.

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क्या बढ़ेंगी ममता बनर्जी की मुश्किलें?


राजनीतिक तौर पर यह फैसला महत्वपूर्ण महत्व रखता है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा यह सीमित सहमति ऐसे समय में आई है जब राजनीतिक और जांच-सम्बंधित मामलों की निगरानी तेज है. विपक्ष और कुछ केन्द्र सरकार के निकाय इस कदम की व्याख्या अलग-अलग ढंग से करेंगे, कुछ इसे पारदर्शिता की दिशा में कदम मानेंगे, तो कुछ इसे राजनीतिक संकेत के रूप में देख सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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