West Bengal Highways: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सात बेहद महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे गलियारों को केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. इस बड़े फैसले से पिछले काफी समय से चली आ रही प्रशासनिक रुकावटें पूरी तरह खत्म हो गई हैं, जिनकी वजह से राज्य में कई रणनीतिक और महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं रुकी हुई थीं. राज्य सरकार के इस कदम के बाद अब नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई और नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचआईडीसीएल इन रूटों पर सड़क चौड़ीकरण और आधुनिकीकरण का काम तेजी से शुरू कर सकेंगे. इन रास्तों को क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और सीमा सुरक्षा के लिहाज से बेहद खास माना जाता है.
राज्य और केंद्र के बीच खत्म हुआ गतिरोध
मुख्य सचिव कार्यालय की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक ये सभी महत्वपूर्ण परियोजनाएं पिछले कई महीनों से अधर में लटकी हुई थीं क्योंकि इन सड़कों का नियंत्रण राज्य लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी के राष्ट्रीय राजमार्ग विंग के पास था. केंद्र सरकार इन रास्तों पर निर्माण और अपग्रेडेशन का काम शुरू करने के लिए लंबे समय से औपचारिक ट्रांसफर की मांग कर रही थी. राज्य सरकार ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि औपचारिक रूप से जमीन और रास्तों का हस्तांतरण न होने के कारण इन हिस्सों पर विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ था. अब मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसियां बिना किसी देरी के काम को आगे बढ़ा सकेंगी.
भारत-बांग्लादेश सीमा तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
केंद्रीय एजेंसी एनएचएआई को सौंपे गए सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में 329.6 किलोमीटर लंबा एनएच-312 कॉरिडोर भी शामिल है. यह हाईवे जंगीपुर, ओमारपुर, कृष्णानगर, बनगांव और बसीरहाट जैसे प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ता है और सीधे भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित घोझाडांगा तक पहुंचता है. इस पूरे कॉरिडोर के विकसित हो जाने से सीमावर्ती इलाकों में न केवल सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही आसान हो जाएगी, बल्कि पड़ोसी देश के साथ होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी एक नई दिशा मिलेगी. इस रूट पर चलने वाले कमर्शियल वाहनों का समय बचेगा और व्यापारिक गतिविधियां काफी तेज हो जाएंगी.
पहाड़ी इलाकों और पर्यटन को मिलेगा भारी बढ़ावा
इन सात प्रमुख राजमार्गों के आधुनिक हो जाने से पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों तक पहुंचना बेहद सुगम हो जाएगा. सड़कों की खराब हालत के कारण अब तक पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, वे अब हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी. इसके साथ ही हाईवे के आस-पास के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में आर्थिक विकास की रफ्तार तेज होगी. बुनियादी ढांचे में इस बड़े सुधार से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए साधन भी तैयार होंगे. केंद्र और राज्य सरकार के इस आपसी तालमेल से आने वाले दिनों में बंगाल की सड़कों की सूरत पूरी तरह बदलने वाली है.
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