पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में चुनाव आयोग की सख्ती का असर अब आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है. चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में अब तक नकदी, शराब, ड्रग्स, कीमती धातुओं और फ्रीबीज समेत कुल 510 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध सामग्री जब्त की जा चुकी है. यह आंकड़ा 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई 339 करोड़ रुपये की जब्ती से कहीं अधिक है.
चुनाव आयोग ने 15 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल समेत असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों तथा उपचुनावों का ऐलान किया था. इसके साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे. चुनाव को हिंसा, डर और प्रलोभन से मुक्त रखने के लिए आयोग लगातार निगरानी कर रहा है.
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इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में 2,728 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें तैनात की गई हैं, जिन्हें शिकायत मिलने के 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश है. इसके अलावा 3,142 स्टैटिक सर्विलांस टीमें राज्यभर में अचानक नाके लगाकर जांच कर रही हैं. अवैध शराब के निर्माण और वितरण के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
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चुनाव आयोग के इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम के अनुसार 26 फरवरी से 27 अप्रैल 2026 तक पश्चिम बंगाल में करीब 30 करोड़ रुपये नकद, 48 लाख लीटर से ज्यादा शराब, 110 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स, 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और लगभग 185 करोड़ रुपये की फ्रीबीज व अन्य सामग्री जब्त की गई है.
आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह के अवैध प्रलोभन या दबाव की कोशिशों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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