पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की TMC में टूट का सिलसिला जारी है. वहीं, टीएमसी ने 20 लोकसभा सांसदों की टूट के बाद भारतीय जनता पार्टी पर दबाव के आरोप लगाए हैं. वहीं, टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद का दावा है कि साइन नहीं करने वाले सांसदों के घर गिराए जा रहे हैं. साथ ही उन्होंने आरोप लगाए हैं कि सारे घटनाक्रम भाजपा नेता निशिकांत दुबे के घर पर बैठकर तय किया जा रहा है. वहीं, शुक्रवार को एक सूची सामने आई है जिसमें टीएमसी के बागी सासंदों ने स्पीकर ओम बिरला को समर्थन पत्र सौंपा है.
आजाद ने कहा, 'जिन सांसदों ने साइन नहीं किए थे, उनके घर में बीजेपी के लोग पहले से ही बैठे हुए थे और पुलिस भी बाहर पहरा दे रही थी. बहुत लोगों के घर तोड़ दिए गए हैं उनके परिवारों को डराया गया और बहुत सारे लोग तो डरकर आए है. लिस्ट देख लो. उसमें बापी हल्दर है, जिसका घर पूरी तरह से तोड़ दिया गया था. पहली बार का सांसद था. यंग है. उसने साइन किया है.'
मुस्लिम सांसदों का भी किया गया जिक्र
उन्होंने कहा कि 'दो लोग और हैं. आप देख लो तो पहले 8 अलग हैं. दूसरे 14 से 18 अलग हैं. उसमें भी तीन मुलमान एक साथ हैं. अब भाजपा को उनकी भी जरूरत पड़ गई. दो तिहाई चाहिए उनको. मिताली बाग का भी यही हाल किया है इन लोगों ने…'
निशिकांत दुबे के घर में जासूसी की कही बात
आजाद ने यह भी दावा किया कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के घर में उनका एक जासूस है. उन्होंने आगे कहा, 'माला रॉय लेटेस्ट हैं, जिन्होंने परसो साइन किए हैं. सारा ये कुछ निशिकांत दुबे के घर से ही हो रहा है. उनके घर में मेरा आदमी है. जो मुझे बताता है क्या है क्या नहीं है. अब आज बता ही देना चाहिए. अब इस्तीफा देने वाले प्रकाश बरेक भी निशिकांत के घर के पास हैं.'
कल्याण बनर्जी को लेकर कही ये बात
TMC सांसद कल्याण बनर्जी के अभिषेक बनर्जी का केस न लड़ने के फैसले पर TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, 'सब कुछ सुलझ गया है. वे भावुक इंसान हैं. उन्हें जल्दी गुस्सा आ जाता है. लेकिन दीदी के साथ उनके अच्छे संबंध हैं.'
बागी TMC नेताओं पर आजाद ने कहा, 'काकोली दस्तीदार कैमरे पर 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ी गई थीं. तब उनकी ईमानदारी कहां गई थी? फिर भी आज वे ममता बनर्जी से रिश्वत के बारे में सवाल करती हैं. रिश्वत की बात करते समय, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि शुरुआती आठ लोगों में से कितनों को रिश्वत दी गई थी… मुझे ये सारी बातें पता हैं. एक दिन मैं उनका पर्दाफाश करूंगा. मेरा इरादा उन्हें उसी पल रंगे हाथों पकड़ने का है जब वे 10 लाख रुपये सौंपेंगे. यह नामुमकिन नहीं है, क्योंकि जानकारी उनके अपने खेमे से ही आएगी… उनके अपने ही दायरे के लोग मुझे खबर देंगे.'
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ऋतब्रत बनर्जी पर भी साधा निशाना
उन्होंने आगे कहा, 'उस आदमी, ऋतब्रत बनर्जी को ही ले लीजिए, जो इधर-उधर भटक रहा था, वही जो उस अश्लील वीडियो में शामिल था. लेफ्ट ने उस वीडियो की वजह से उसे निकाल दिया था. वह 'युवराज' से अपने लिए सीट या पद पाने की गुहार लगाता रहा. उसे सांसद बनाया गया, फिर ट्रेड यूनियन का अध्यक्ष और बाद में MLA बनाया गया. हमारी सरकार के सत्ता में आने पर उसे श्रम मंत्री का पद देने का वादा किया गया था. लेकिन ऐसे एहसान-फरामोश लोगों के बारे में बात ही क्यों करें?'
काकोली घोष दस्तीदार पर क्या बोले कीर्ति आजाद?
बागी TMC नेताओं पर TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, 'अगर उनके पास सच में जरूरी संख्या होती - यानी अमित शाह जी का शुरू किया 'ऑपरेशन लोटस', जो उनके माथे पर उधार का सिंदूर लगा रहे हैं - तो अब तक लिस्ट सामने आ गई होती. हम 6 जून से सुन रहे हैं कि उनके पास 20 सांसद हैं और वे लिस्ट सौंपने के लिए स्पीकर से मिलने वाले हैं, लेकिन वह लिस्ट कहां है? वे भ्रष्टाचार के बहाने पार्टी छोड़ रहे हैं; काकोली घोष दस्तीदार इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, उन्हें कैमरे पर 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था.'