बंगाल में दिखा ‘दिल्ली एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का असर, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ नेताओं का AI चुनावी वार

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की आहट तेज होते ही सियासी पारा चढ़ने लगा है. चुनाव आयोग द्वारा तिथियों की घोषणा से पहले राज्य में चल रहे एसआईआर (SIR) कार्य को तेजी से पूरा करने की कवायद जारी है. इसी बीच भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वाम दल—सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने स्तर पर जनता को साधने में जुट गई हैं. पढ़ें पश्चिम बंगाल से अमर देव पासवान की रिपोर्ट.

mamata banerjee

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की आहट तेज होते ही सियासी पारा चढ़ने लगा है. चुनाव आयोग द्वारा तिथियों की घोषणा से पहले राज्य में चल रहे एसआईआर (SIR) कार्य को तेजी से पूरा करने की कवायद जारी है. इसी बीच भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वाम दल—सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने स्तर पर जनता को साधने में जुट गई हैं.

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वादों, आरोप-प्रत्यारोप और जनसंपर्क अभियानों के साथ अब चुनावी राजनीति में एक नया हथियार भी खुलकर सामने आ गया है—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI). दिल्ली में हाल ही में आयोजित “एआई इम्पैक्ट समिट 2026” की चर्चा के बीच बंगाल की राजनीति में भी एआई का प्रभाव साफ दिखाई देने लगा है.

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पाण्डेश्वर में AI बना नया चुनावी हथियार

आसनसोल के पाण्डेश्वर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता एवं आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी और तृणमूल विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के बीच चुनावी मुकाबला पहले से ही चर्चाओं में है. 2021 के विधानसभा चुनाव में यह सीट हॉट सीट मानी गई थी.

2021 से पहले तृणमूल से भाजपा में शामिल हुए जितेंद्र तिवारी को विश्वास था कि जनता पार्टी से ऊपर उठकर उन्हें समर्थन देगी. लेकिन चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं गया और उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखी और स्थानीय मुद्दों पर आवाज उठाते रहे. अब 2026 के चुनाव से पहले एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच सियासी मुकाबला तेज हो गया है.

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे AI वीडियो

इस बार चुनावी जंग सिर्फ रैलियों और सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी पूरी तरह छिड़ चुकी है. दोनों पक्षों के समर्थकों द्वारा एआई तकनीक की मदद से बनाए गए वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं.

कुछ वायरल वीडियो में भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी को फिल्मी किरदार ‘गब्बर’ के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि दूसरी ओर तृणमूल विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती को पाण्डेश्वर छोड़कर दुर्गापुर से टिकट मांगते हुए दिखाया गया है.

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हालांकि इन वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इनकी चर्चा जोरों पर है. आम लोग भी इन वीडियो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कोई इसे मनोरंजन बता रहा है तो कोई इसे चुनावी रणनीति का नया प्रयोग मान रहा है.

बदलती चुनावी रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में एआई तकनीक चुनाव प्रचार का अहम हिस्सा बन सकती है. जहां एक ओर यह तकनीक रचनात्मक प्रचार का माध्यम बन रही है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है.
फिलहाल पाण्डेश्वर विधानसभा क्षेत्र में सियासी घमासान के साथ-साथ ‘एआई चुनावी वार’ भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है. देखना होगा कि 2026 के चुनाव में यह डिजिटल रणनीति किसे फायदा पहुंचाती है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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