पश्चिम बंगाल में सत्ता के बदलते ही तृणमूल कांग्रेस के बुरे दिन शुरू हो गए हैं. पार्टी के अंदर चल रही कलह अब खुले मंच पर भी दिखाई देने लगी है. बता दें कि टीएमसी सांसद काकोली घोष जो कभी बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी की बेहद करीबी थीं, उन्होंने बागी रुख अपना लिया है.
लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
टीएमसी सांसद काकोली घोष ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने पार्टी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी है.
महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार करने के लगे आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, काकोली घोष ने 28 मई 2026 को लिए गए एक पत्र में कल्याण बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि लोकसभा के भीतर उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने यह भी दावा किया कि कल्याण बनर्जी का व्यवहार केवल उनके प्रति ही नहीं, बल्कि कई अन्य महिला सांसदों के प्रति भी अनुचित और अपमानजनक रहा है.
बता दें कि काकोली घोष ने अपने पत्र में लोकसभा स्पीकर से मामले में हस्तक्षेप करने, औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति देने और उचित कार्रवाई के साथ 'सजा' सुनिश्चित करने की मांग की है. इस घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के भीतर बढ़ते मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है.
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चीफ व्हिप पद से हटाई गई थीं काकोली घोष
दरअसल, हाल ही में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने पार्टी के संसदीय ढांचे में बड़ा बदलाव किया था और काकोली घोष को चीफ व्हिप पद से हटा दिया था. बता दें कि काकोली घोष को हटाकर ममता बनर्जी ने इस पद पर कल्याण बनर्जी को जिम्मेदारी सौंप दी थी.
इस फैसले के बाद से ही पार्टी के भीतर आरोप-प्रत्यारोप और असंतोष का दौर लगातार जारी है. वहीं, अब काकोली घोष की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को लिखी गई शिकायत ने टीएमसी की अंदरूनी राजनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.