ममता बनर्जी के रेजीनगर उम्मीदवार का यू-टर्न, पहले वापस लिया नामांकन, अब बोले- लड़ूंगा चुनाव

पश्चिम बंगाल में सियासी ड्रामा जारी है और ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक ओर वे पार्टी के सिंबल को लेकर संघर्षरत हैं तो दूसरी ओर उपचुनाव से उनके उम्मीदवार अपने कदम पीछे हटा रहे हैं. लेकिन एक उम्मीदवार ने नाम वापस लेकर यू-टर्न भी ले लिया है.

TMC | Mamata Banerjee | Bengal Bypolls

ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव के बाद से अब तक कई झटके लग चुके हैं. (Credit-ANI)

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रेजीनगर उपचुनाव उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने यू-टर्न ले लिया है. उन्होंने पहले उपचुनाव से नाम वापस लिया था और लेकिन अब वे चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी गुट के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने उपचुनाव लड़ने का फैसला किया. ममता बनर्जी के आग्रह पर उन्होंने मन बदल लिया है. ममता बनर्जी के कहने पर अपनी उम्मीदवारी वापस ली और अब मैं चुनाव लड़ूंगा. ममता बनर्जी से बात करने के बाद अपने फैसले पर पुनर्विचार किया.

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इससे पहले ममता बनर्जी के लिए बुरी खबर आई थी कि नंदीग्राम के बाद रेजीनगर उपचुनाव से भी TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने नाम वापस ले लिया है. नंदीग्राम उपचुनाव से TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन शुक्रवार को वापस लिया था. ऐसे में अब नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी की TMC का कोई कैंडिडेट नहीं है. लेकिन नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने कांग्रेस कैंडिडेट को समर्थन दिया है. रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर आगामी 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होने जा रहा है.

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पार्टी नाम और सिंबल के लिए संघर्षरत ममता बनर्जी

बता दें कि ममता बनर्जी की TMC के साथ चुनावी घटनाक्रम तब हो रहे हैं, जब तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद जारी है. भारतीय चुनाव आयोग ने बीते दिन TMC के ममता बनर्जी गुट और बागी गुट को अलग पार्टी नाम और चुनाव चिह्न अलॉट किए. ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में पार्टी सिंबल को जब्त किए जाने के खिलाफ याचिका दायर कर दी है. इससे पहले ममता बनर्जी अपनी पार्टी में बगावत और टूट झेल रही थीं. विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद TMC में फूट पड़ गई थी और ऋतबत बनर्जी ने अलग गुट बनाकर पार्टी नाम-सिंबल पर दावा ठोका था.

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नंदीग्राम में ममता बनर्जी के साथ खेल कैसे हुआ था?

बता दें कि ममता बनर्जी से नंदीग्राम उपचुनाव में टीचर संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था. लेकिन शुक्रवार दोपहर वे अचानक अपने पति सत्यजीत के साथ राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ पहुंचीं, जहां उनकी मुलाकात पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से हुई. इस मुलाकात के बाद संचिता प्रधान डे ने उपचुनाव से अपना नाम वापस ले लिया.

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नाम वापस लेकर यू-टर्न लेने वाले चौधरी कौन हैं?

बता दें कि रबीउल आलम चौधरी रेजीनगर विधानसभा से राजनीति के दिग्गज हैं. साल 2013 के विधानसभा उपचुनाव को उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर जीता था. 2016 में भी वे कांग्रेस की टिकट पर इसी सीट से विधायक बने थे. लेकिन इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर TMC जॉइन कर ली थी. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में रबीउल ने TMC के टिकट पर रेजीनगर से चुनाव जीता और विधायक बने. 2026 का विधानसभा चुनाव रबीउल ने बेलडांगा सीट से लड़ा था, लेकिन वे हार गए थे. अब ममता बनर्जी ने उन्हें रेजीनगर उपचुनाव के रण उतारा था.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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