पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद संकट से जूझ रही TMC और ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी की सबसे करीबी, भरोसेमंद उनकी 'राइट हैंड' चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। चंद्रिमा ने TMC के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। पिछले 2 महीने से जारी उठापटक के बीच अचानक हुए इस इस्तीफे को ममता बनर्जी के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे उनके सियासी करियर को बड़ा धक्का लगेगा।

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ममता बनर्जी को लेटर लिखकर बताया अपना फैसला

TMC की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को लेटर लिखकर इस्तीफे की जानकारी दी। भट्टाचार्य ने लेटर में स्पष्ट किया है कि वे न केवल संगठन में मिले पदों से मुक्त हो रही हैं, बल्कि उन्होंने पार्टी की 'साइनिंग अथॉरिटी' के पद से भी इस्तीफा दे दिया है। चंद्रिमा भट्टाचार्य तृणमूल कांग्रेस का मजबूत चेहरा रही हैं। सरकार से लेकर संगठन तक में उनकी मजबूत पकड़ रहीं, लेकिन उनके अचानक इस्तीफे ने बंगाल के सियासी पारे को और गरमा दिया है।

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तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर पर बगावती गुट का कब्जा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने कोलकाता के ईएम बाइपास स्थित तृणमूल भवन पर कब्जा कर लिया है। गेट पर नए पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें ममताऔर अभिषेक की तस्वीरें नहीं थीं। उनकी जगह अरूप रॉय को पार्टी का चेयरमैन बताया गया और मुख्य गेट पर नया ताला भी लगा दिया गया। घटना की सूचना मिलते के बाद कुणाल घोष कालीघाट खेमे के अन्य नेताओं के साथ तृणमूल भवन पहुंचे। दोनों गुटों के आमने-सामने आने से इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया और राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

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ममता के बागी विधायकों ने ऋतब्रत को नेता चुना

बता दें कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में 3 जून 2026 को बगावत शुरू हुई थी। TMC के 80 विधायकों में से 58 विधायक बागी हो गए और उन्होंने अपना अलग गुट बना लिया। इन 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। सभी ने मिलकर विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें ऋतब्रत को विपक्ष का नेता घोषित करने की मांग की गई, जिसे स्पीकर ने मंजूर भी कर लिया था। अब ममता बनर्जी के साथ सिर्फ 22 विधायक हैं। वहीं28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने अलग गुट बना लिया है तो सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो TMC के 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं।

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