हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

खामेनेई की मौत पर बंगाल में मातम, रमजान और ईद पर नहीं मनाई जाएगी खुशी, 40 दिन के शोक का ऐलान

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम बंगाल में रह रहे ईरानी समुदाय में गहरा शोक है. समुदाय के लोगों ने रमजान और ईद की खुशियां ना मनाने और घरों पर काला झंडा लगाकर 40 दिनों तक शोक मनाने का फैसला किया है. पढ़िए अमर देव पासवान की ये खास रिपोर्ट

विज्ञापन
Credit: Social Media

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर बंगाल में रह रहे ईरानी समुदाय के बीच शोक का माहौल है. समुदाय के लोगों ने रमजान और ईद की खुशियां न मनाने का फैसला लिया है और अपने-अपने घरों के सामने काला झंडा लगाकर 40 दिनों तक शोक मनाने की घोषणा की है. दरअसल, 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में उनकी मौत हो गई थी, जिसकी पुष्टि ईरानी सरकार ने 1 मार्च को की. इसके बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का अगला सर्वोच्च नेता बनाया गया है. लेकिन बंगाल में सैकड़ों सालों से रह रहे ईरानी समुदाय के लोग अभी भी अली खामेनेई के मौत के गम से उभर नहीं पाए हैं.

ये भी पढ़ें: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कितने अमीर? लंदन से दुबई तक अरबों की प्रॉपर्टी के मालिक

‘मुगल काल के दौरान भारत आए थे’

आसनसोल के पांडेश्वर, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया जिले के आद्रा और हुगली समेत कई इलाकों में रहने वाले ईरानी समुदाय के लोग अपने घरों के बाहर काला झंडा लगाकर शोक व्यक्त कर रहे हैं. पांडेश्वर की ईरानी बस्ती में रहने वाले 70 वर्षीय रुस्तम अली खान बताते हैं कि उनका जन्म बंगाल में ही हुआ है. उनके मुताबिक, मुगल काल के दौरान उनके पूर्वज ईरान से भारत आए थे. आज उनके परिवार के लोग बंगाल के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में रहते हैं. उन्होंने बताया कि उनके समुदाय के लोगों का मुख्य पेशा पत्थर की अंगूठियां, चश्मा, मसाले, चूड़ियां और श्रृंगार के सामान का व्यापार रहा है, जो आज भी जारी है.

विज्ञापन

‘ईरान सरकार ने दी जमीन’

रुस्तम अली खान के मुताबिक, जिस जगह पर वो लोग रह रहे हैं, वो जमीन उनके पूर्वजों को ईरान सरकार की ओर से रहने के लिए दी गई थी. यहां मदरसे और मस्जिद के साथ-साथ रहने के लिए घर भी बनाए गए थे. उन्होंने बताया कि अब उनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड सहित सभी भारतीय दस्तावेज मौजूद हैं. साथ ही वे केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं का लाभ भी उठा रहे हैं. रुस्तम अली खान कहते हैं कि वो खुद को “भारतीय ईरानी” के रूप में पहचान देते हैं और इस पर उन्हें गर्व है.

ये भी पढ़ें: क्यों एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं सऊदी अरब और ईरान? जानिए दुश्मनी की असली वजह

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola