पश्चिम बंगाल में धार्मिक स्थलों, खासकर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के पुलिसिया निर्देशों को लेकर एक नया विवाद छिड़ गया है. राज्य के कई मस्जिद कमेटियों का दावा है कि स्थानीय पुलिस थानों की ओर से उन्हें लाउडस्पीकर हटाने या उनकी जगह साउंड बॉक्स लगाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं. इस कार्रवाई को लेकर मुस्लिम संगठनों और नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है और आंदोलन की चेतावनी दी है.
इस मुद्दे को लेकर सियासत भी गरमा गई है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बागी सांसदों पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान, खलीलुर रहमान और अबू ताहिर खान ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने धार्मिक आजादी की रक्षा करने और नियमों के नाम पर आम लोगों को परेशान न करने की मांग की है.
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पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता सिद्दीकुल्ला चौधरी ने इस पूरे मामले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर इस संवेदनशील मुद्दे का जल्द ही कोई उचित समाधान नहीं निकाला गया, तो पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा.
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दूसरी तरफ, जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी प्रदर्शन की धमकी दी है. आईएसएफ (ISF) विधायक नौशाद सिद्दीकी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या लाउडस्पीकर हटाने का कोई लिखित आदेश जारी हुआ है या नहीं.
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मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सफाई
बढ़ते हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि अदालत द्वारा तय ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन करा रही है. नियमों के मुताबिक दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल की सीमा तय है.
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सीएम सुवेंदु अधिकारी ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पुलिस की सलाह पर अब तक कुल 5,299 लाउडस्पीकर उतारे गए हैं. इनमें से 4,203 लाउडस्पीकर मस्जिदों से और 1,096 मंदिरों से हटाए गए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना किसी बल प्रयोग के यह काम किया है और मस्जिद कमेटियों ने भी इसमें सहयोग दिया है.
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भाजपा का रुख
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुस्लिम नेताओं के विरोध को खारिज कर दिया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि देश में कानून का राज है और कोर्ट के आदेशों को सभी को मानना ही पड़ेगा. उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करने में राजनीति या दोहरे मापदंड नहीं चलने दिए जाएंगे.