कभी पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों को हवाई मार्ग से जोड़ने का सपना देखा गया था. योजना थी कि कोलकाता से उत्तर बंगाल, पूर्वोत्तर और देश के कई महत्वपूर्ण शहरों के बीच छोटे विमानों की सेवा शुरू की जाए. वर्ष 1998 मे राज्य की सत्ता में कायम कम्युनिस्ट सरकार के मुख्यमंत्री ज्योति बसु के नेतृत्व मे एक संयुक्त उद्यम के जरिए नागरिक विमानन के क्षेत्र में कदम रखने की तैयारी हुई. लेकिन जिस विमान सेवा को आसमान में उड़ान भरनी थी, उसका एक विमान आज हरियाणा के एक अनजान खुले मैदान में तेज धूप और मूसलाधार बारिश की मार झेल रहा है. ये कहानी है 'Bengal Air Services Limited' की, जिसकी शुरुआत पश्चिम बंगाल में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के मकसद से हुई थी, लेकिन समय के साथ इसकी पूरी योजना ही धराशायी हो गई.

25 अप्रैल 1995 को हुई थी कंपनी की स्थापना

Bengal Air Services Limited (BASL) की स्थापना 25 अप्रैल 1995 को हुई थी. कंपनी को पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) के साथ संयुक्त उद्यम के तौर पर रजिस्टर किया गया था. Bengal Air की योजना महज कागजों तक सीमित नहीं थी. छोटे आकार के विमानों के जरिए कई शहरों को जोड़ने की तैयारी की गई थी. शुरुआती प्रस्ताव में कोलकाता-कूचबिहार-बागडोगरा-शिलांग-अगरतला-जमशेदपुर-पटना-रांची-भुवनेश्वर-राउरकेला जैसे मार्गों पर विमान सेवा शुरू करने की योजना बताई गई थी. इसके लिए छोटे आकार के विमानों का इस्तेमाल किया जाना था, ताकि छोटे शहरों और क्षेत्रीय हवाई अड्डों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ा जा सके. यानी उद्देश्य केवल कोलकाता से बड़े महानगरों को जोड़ना नहीं था, बल्कि बंगाल और आसपास के राज्यों के उन इलाकों तक भी हवाई संपर्क पहुंचाना था, जहां उस समय रेल और सड़क के मुकाबले विमान सेवा बेहद सीमित थी.

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नेपाल की Nicon Air से ली गई तकनीकी मदद

Bengal Air की इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए नेपाल की विमानन कंपनी Nicon Air के साथ तकनीकी सहायता को लेकर समझौते की बात सामने आती है. यहीं इस कहानी में एक दिलचस्प कड़ी जुड़ती है. Nicon Air के विमानों के लोगो में भगवान शिव के हाथ में मौजूद त्रिशूल जैसा प्रतीक इस्तेमाल किया जाता था. हरियाणा के जिस मैदान में Bengal Air का विमान आज खड़ा है, उसकी पूंछ पर भी त्रिशूल जैसा लोगो दिखाई देता है. पहली नजर में दोनों प्रतीक लगभग एक जैसे नजर आते हैं. लेकिन गौर से देखने पर अंतर दिखाई देता है. Nicon Air के लोगो में त्रिशूल के साथ डमरू भी जुड़ा हुआ दिखाई देता है, जबकि Bengal Air के लोगो में डमरू नहीं है. यह समानता इस पुराने विमान की कहानी को और भी दिलचस्प बना देती है.

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2001 में 28 करोड़ के लोन की गारंटी मांगी गई

Bengal Air की कहानी का एक महत्वपूर्ण अध्याय 2001 में सामने आया. कंपनी ने राज्य सरकार के सामने नया प्रस्ताव रखते हुए ICICI से 28 करोड़ का लोन लेने के लिए सरकारी गारंटी की मांग की थी. कंपनी की ओर से विमान सेवा को आगे बढ़ाने और संचालन शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता जुटाने की कोशिश की जा रही थी. उस समय कंपनी के नए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में स्वपन सेन का नाम सामने आया था. लेकिन 28 करोड़ के लोन और सरकारी गारंटी की कोशिश के बावजूद Bengal Air की योजना उस मुकाम तक नहीं पहुंच सकी, जहां से नियमित यात्री विमान सेवा शुरू हो पाती.

कनाडा से तीन विमान खरीदने की थी तैयारी

Bengal Air के सपने को साकार करने के लिए वर्ष 2001 में कनाडा की विमान निर्माता कंपनी De Havilland Canada से तीन छोटे विमानों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई थी. बताया जाता है कि इन विमानों को पश्चिम बंगाल लाने की तैयारी के तहत कनाडा के Winnipeg Airport तक पहुंचाया गया था. योजना के मुताबिक तीनों विमानों को भारत लाया जाना था. लेकिन कहानी में अचानक बड़ा मोड़ आया. बाकी दो विमान कनाडा में ही रह गए और कंपनी के साथ हुआ समझौता भी आगे नहीं बढ़ सका. आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिस परियोजना के लिए विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू हुई, वह विमान सेवा शुरू होने से पहले ही बंद हो गई, यह सवाल आज भी Bengal Air की कहानी का सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है.

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दमदम एयरपोर्ट पर वर्षों तक खड़ा रहा विमान

जो विमान कोलकाता पहुंचा, उसकी किस्मत भी उड़ान भरने वाली नहीं थी. विमान दमदम एयरपोर्ट पर वर्षों तक खुले आसमान के नीचे खड़ा रहा. यात्रियों को लेकर आसमान में उड़ने के बजाय वह धीरे-धीरे धूल और मौसम की मार झेलता रहा. बताया जाता है कि करीब 2018 तक यह विमान दमदम एयरपोर्ट परिसर में पड़ा रहा. इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने उसे स्क्रैप के रूप में नीलाम कर दिया. एक ऐसा विमान, जिसे बंगाल के क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क की शुरुआत करनी थी, आखिर में वह विमान कबाड़ में बदल गया. जिस विमान को कभी आसमान में उड़कर यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाना था, वह अब जमीन पर बेबस खड़ा है.

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