Uttar Pradesh Greater Noida (जुनेद अख्तर) : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रेटर नोएडा के करीब 12 हजार किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने जेवर क्षेत्र स्थित आकलपुर, म्याना और मकसूदपुर के किनारों की 2.70 लाख वर्ग मीटर आबादी की जमीन छोड़ने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले से किसानों में खुशी की लहर है। किसानों का कहना है कि योगी सरकार ने उनके हक में फैसला करके दिल जीत लिया है। वह अब पूरी तरह योगी सरकार के साथ हैं।
सरकार ने जमीन छोड़ने का बनाया था दबाव
जेवर के रबूपुरा क्षेत्र में पड़ने वाले आकलपुर, म्याना और मकसूदपुर में करीब 12 हजार ग्रामीण रहते हैं। पिछले काफी समय से किसानों की सरकार से तकरार चल रही है। किसान अपनी 2.70 लाख वर्ग मीटर आबादी की जमीन छोड़ना नहीं चाहते थे। जबकि सरकार के अधिकारी उन पर जमीन छोड़ने का दबाव बना रहे थे। जिसके बाद स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह ने किसानों की वार्ता सीएम योगी आदित्यनाथ से वार्ता कराई। सीएम ने किसानों की बातों को ध्यान से सुना और जल्द ही इस पर फैसला लेने की बात कही। जिसके बाद अब जाकर सरकार ने किसानों के हित में फैसला सुनाया है।
किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने जमीन छोड़ने के फैसले के साथ ही मुआवजा राशि में 4300 रुपए प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। यह दिखाता है कि योगी किसानों की बेहतरी चाहते हैं जबकि सरकार में काम कर रहे अधिकारी ऐसा नहीं चाहते हैं। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से ही आज भी किसानों की कई मामले लंबित पड़े हैं। अगर सीएम योगी से उनकी भी वार्ता हो जाए तो मिनटों में सभी लंबित मामले निपट जाएंगे।
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देश के विकास में किसानों का योगदान
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस किसान हितैषी फैसले की सराहना की। कुछ महीने पहले तीनों गांवों के किसानों ने इन मुद्दों पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों ने अपनी जमीन देकर प्रदेश और देश के विकास में योगदान दिया है।