Uttar Pradesh Yamuna Authority (जुनेद अख्तर) : यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में खरीदारों को उनके सपनों का आशियाना मिल रहा है। बुधवार को यीडा क्षेत्र की बिल्डर परियोजना में 3890 लोगों को फ्लैट का मालिकाना हक मिला है। बताया जा रहा है कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिश लागू होने के बाद यमुना अथॉरिटी ने बिल्डरों पर सख्ती दिखाई है। जिसके बाद बिल्डर तेजी से खरीदारों को उनका फ्लैट दे रहे हैं।
परियोजना में करीब 4200 खरीदार
यमुना अथॉरिटी के मुताबिक, बिल्डर परियोजना में 6879 रजिस्ट्री का लक्ष्य है। समिति की सिफारिशों का लाभ लेने के बाद बिल्डरों ने अथॉरिटी के खाते में 407.90 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, लेकिन चार बिल्डर परियोजना अभी भी समिति के लाभ से बाहर हैं। इन परियोजना में करीब 4200 खरीदार हैं। अधूरी बिल्डर परियोजना को पूरा कराने एवं खरीदारों को फ्लैट का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को लागू किया था। इसके तहत बिल्डरों को शून्य काल का लाभ दिया गया।
ये भी पढ़ें : नोएडा में गरजा ‘बाबा’ का बुलडोजर, मास्टर प्लान 2031 में शामिल जमीन पर रही थी प्लॉटिंग
अगली किस्त में मिलेंगे 621 करोड़ रुपये
बिल्डरों को बकाया राशि का 25 प्रतिशत देने की शर्त लगाई थी। इससे अथॉरिटी व खरीदारों दोनों को फायदा हुआ है। अथॉरिटी को सात बिल्डर परियोजना से 25 प्रतिशत बकाया राशि के तहत 407.90 करोड़ रुपये मिले हैं। अगली किस्त में अथॉरिटी को 621 करोड़ रुपये जल्द और मिलेंगे। सात बिल्डर परियोजना में बिल्डर परियोजना में 6879 खरीदारों की रजिस्ट्री होनी थी, इसमें 3890 रजिस्ट्री हो चुकी हैं।
एसडीएस होम्स लाभ लेने की अनुमति मांगी
बताया जा रहा है कि यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में कुल 11 बिल्डर परियोजना में सात ने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के लाभ के लिए आवेदन किया था। चार बिल्डर परियोजना में एसडीएस होम्स ने योजना का लाभ लेने की अनुमति मांगी है। बोर्ड ने इसके लिए दिशा निर्देश जारी किया है।
ये भी पढ़ें : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर बड़ी अपडेट, अब इस डेट पर उड़ान शुरू करने का दावा
अथॉरिटी का 2993.69 करोड़ रुपये बकाया
अथॉरिटी अधिकारी ने बताया कि ओरिस बिल्डर को सुप्रीम कोर्ट से स्थगन है। इसके अलावा सुपरटेक बिल्डर की दो परियोजना हैं। इन चारों परियोजना पर अथॉरिटी का 2993.69 करोड़ रुपये बकाया है। सुपरटेक की परियोजना में तकरीबन 4200 खरीदार हैं।