उत्तर प्रदेश के शामली से सामने आया आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली और चांदनी कुरैशी का मामला इस समय लोगों के बीच चर्चा में बना हुआ है. एक मेडिकल शॉप से आयुष मलिक और चांदनी कुरैशी के बीच दोस्ती की शुरुआत हुई. फिर अस्पताल में दोनों की मुलाकात हुई और जिम में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी, प्रेम संबंध बना. इस मामले में धर्म परिवर्तन और चांदनी कुरैशी पर करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोप लगे और फिर पुलिस की कार्रवाई हुई.
कैसे हुई कहानी की शुरुआत?
इस कहानी की शुरुआत शामली के दयानंद नगर से हुई. यहां रहने वाले देवराज मलिक इलाके के बड़े दवा कारोबारियों में गिने जाते हैं. उनके बेटे आयुष मलिक ने बी-फार्मा की पढ़ाई की थी. वो अपने पिता की मेडिकल शॉप संभालता था. इस पर चांदनी कुरैशी का भाई आस मोहम्मद उर्फ आसू काम करता था. आरोप है कि आस मोहम्मद को परिवार की आर्थिक स्थिति और करोड़ों की संपत्ति की पूरी जानकारी थी.
कौन हैं आयुष मलिक?
बता दें कि आयुष मलिक शामली के बड़े दवा कारोबारी देवराज मलिक का बेटा है. आयुष ने बी-फार्मा की पढ़ाई की है. फिलहाल वो अपने पिता की मेडिकल शॉप संभालता है.
कौन है चांदनी कुरैशी?
चांदनी पेशे से फिजियोथैरेपिस्ट और जिम ट्रेनर बताई जाती है. साल 2018 में आयुष मलिक के पैर में फ्रैक्चर हो गया. इलाज के लिए उसे शामली के सृष्टि अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहीं उसकी मुलाकात चांदनी कुरैशी से हुई. आरोप है कि फिजियोथैरेपी के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ने लगीं. परिवार का दावा है कि चांदनी ने आयुष को अपने प्रेम जाल में फंसाया.
पिता का अलग दावा
जब देवराज मलिक को यह जानकारी मिली कि उनका बेटा अब पूरी तरह मुस्लिम पहचान अपना चुका है, तब परिवार में हड़कंप मच गया. परिवार का आरोप है कि पूरा मकसद करोड़ों रुपए की संपत्ति पर कब्जा करना था. इसके बाद देवराज मलिक ने पुलिस से संपर्क किया. उनकी शिकायत के आधार पर चांदनी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली शामली में मुकदमा संख्या 241/26 दर्ज किया गया.
कई धाराओं में दर्ज हुआ केस
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 61(2), 308(5), 351(3) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम की धारा 3/5(1) लगाई गई. एफआईआर के अनुसार, चांदनी कुरैशी, राहिल कुरैशी, सुमाईला कुरैशी, राबिया कुरैशी, आस मोहम्मद उर्फ आसू कुरैशी, हुमा कुरैशी, इस्लाम कुरैशी, सलीम उर्फ भोला और मुनव्वर नामक मौलवी समेत कई लोगों पर आरोप लगाए गए हैं.
(फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
शिकायत में क्या कहा गया?
शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने साजिश के तहत आयुष मलिक को अपने प्रभाव में लेकर उसका धर्म परिवर्तन कराया. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि चार साल पुराना एक कथित फर्जी निकाहनामा दिखाकर उन पर अनुचित मांगें मानी जाने का दबाव बनाया गया. इतना ही नहीं, विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं. कुछ अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका का भी जिक्र है.
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आयुष मलिक का क्या कहना है?
इस पूरे मामले को लेकर जब मीडिया ने आयुष से सवाल किया कि जब आपने 12 साल पहले ही मुस्लिम धर्म अपना लिया था सबको बताया क्यों नहीं? इस सवाल के जवाब में आयुष ने कहा कि उसके घरवालों को डर था कि बात सामने आने पर उनकी बहनों की शादी होने में दिक्कत आएगी. इसलिए ये बात समाज से छिपाकर रखी. आयुष मलिक का साफ कहना है कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म कबूल किया है. अब उन पर हिंदू धर्म में वापसी करने का दबाव बनाया जा रहा है. वह किसी भी हालत में अपने पुराने धर्म में वापस नहीं लौटेंगे.
पाकिस्तानी यूट्यूबर पर लगे आरोप
आयुष उर्फ अली का दावा है कि उसने स्कूल के समय से ही इस्लाम को समझना शुरू कर दिया था. साल 2008 में कुरआन की दो आयतें सीख ली थी. साल 2012 में इस्लाम को अच्छे से समझने लगा था. उसने खुद ये माना है कि यूट्यूब पर पाकिस्तान के डॉ. इसरार को वह हर दिन सुनता था. उससे वह काफी प्रभावित हुआ. आयुष ने कहा कि हमें उनकी बात अच्छी लगी. हालांकि, उसने जोर देकर कहा कि किसी ने उस पर धर्म परिवर्तन करने या कराने का कोई दबाव नहीं डाला.
मौलानाओं की संलिप्तता भी आई है सामने
आयुष मलिक केस में मौलानाओं की संलिप्तता भी सामने आ रही है. एसपी का कहना है कि पिता की तहरीर में परिवार पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाए जाने की बात कही जा रही है. इसकी जांच चल रही है. मामले में कई मौलानाओं की संलिप्तता भी सामने आई है. दिल्ली में तथाकथित निकाह की बात कही जा रही है. दिल्ली के लोगों को भी जांच के दायरे में लिया गया है. युवक को मुंबई भी ले जाया गया था. एसपी ने कहा कि मामले की तह तक जाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.