भारत-चीन बॉर्डर पर एक बार फिर हिंसक टकराव हुआ है, लेकिन इस बार विवाद भारत-चीन के सैन्य जवानों में नहीं, बल्कि भारतीय सेना और उत्तराखंड पुलिस के बीच हुआ है. जी हां, उत्तराखंड में चीन बॉर्डर पर गांव माणा में असम रेजीमेंट के मेजर और जवानों की उत्तराखंड पुलिसकर्मियों से मारपीट हो गई. बवाल इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों को पुलिस बुलानी पड़ी. पुलिस ने ही बीच-बचाव करके दोनों गुटों को अलग किया और कानूनी कार्रवाई भी की. उत्तराखंड पुलिस ने असम रेजीमेंट के मेजर और 10 से ज्यादा जवानों के खिलाफ केस दर्ज किया है. असम रेजीमेंट के अधिकारी भी कार्रवाई कर रहे हैं.

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वाहनों की चेकिंग के दौरान हुआ विवाद

बता दें कि विवाद मेजर के वाहन रोकने को लेकर शुरू हुआ था. शाम के करीब 6 बजे थे और माणा गांव के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई हुई थी. कांवड़ियों की आवाजाही के कारण जाम जैसे हालात थे और सुरक्षा के लिहाज से वाहनों की चेकिंग चल रही थी. इस दौरान 64 इंजीनियरिंग असम रेजीमेंट के मेजर अनमोल प्रीत अपने जवानों के साथ आए. भीड़ में उनके वाहन फंस गए तो उन्होंने पहले निकलने को कहा. पुलिसकर्मी बोले कि कागजों की जांच चल रही है, इंतजार करें. इसी बात को लेकर मेजर और उनके जवानों की पुलिसकर्मियों के साथ बहस हो गई. बीच-बचाव करने पर मेजर और जान चले गए.

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पुलिस कांस्टेबल ने दी लिखित शिकायत

आरोप हैं कि थोड़ी देर बाद मेजर कुछ अन्य जवानों के साथ वापस आए और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की. ग्रामीणों ने पुलिस को बुलाया तो बद्रीनाथ के सब इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ मौके पर आए. पुलिस कांस्टेबल विजय सिंह ने उन्हें लिखित शिकायत दी और मेजर अनमोल प्रीत समेत उनके 11 जवानों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. चमोली SP सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की पुष्टि की और बताया कि सेना के जवानों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की है, इसलिए उनके खिलाफ केस दर्ज करके उनके उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है. मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज करके कार्रवाई की गई है.

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