मुख्य बिंदु
- भारी मॉनसून बारिश के बाद पूरे उत्तराखंड में 44 सड़कें बंद हैं.
- भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक रुक गया था.
- पौड़ी गढ़वाल में सबसे ज्यादा 9 सड़कें बंद हैं.
- सड़क ठीक करने वाली टीमें तेजी से मलबा हटा रही हैं और रास्ते फिर से खोल रही हैं.
- IMD ने अगले 4 दिनों में कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान लगाया है.
44 Roads Closed Across Uttarakhand: लगातार हो रही मॉनसून की बारिश ने पूरे उत्तराखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. भूस्खलन और मलबा जमा होने के कारण 44 सड़कें बंद हो गई हैं. राज्य सरकार की तरफ से जारी सड़क की ताजा स्थिति के मुताबिक, बहाली का काम चल रहा है, जबकि अधिकारी अलर्ट पर हैं क्योंकि आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना है.
इन सड़कों पर असर
बंद रास्तों में से 19 सड़कें लोक निर्माण विभाग (PWD) की हैं और 25 सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के अंतर्गत आती हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद नहीं किया गया है, लेकिन चमोली जिले के पागल नाला में बार-बार हुए भूस्खलन के कारण गुरुवार को बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए रुक गया था.
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इमरजेंसी टीमें तैनात
इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों ने तुरंत गिरे हुए मलबे को हटाया, जिससे कई घंटों के बाद वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकी. अधिकारी संवेदनशील हिस्से पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि नई बारिश से और भूस्खलन हो सकता है. जिलेवार आंकड़ों से पता चलता है कि पौड़ी गढ़वाल में सबसे अधिक 9 सड़कें बंद हैं. चमोली, देहरादून और टिहरी में 8-8 सड़कें बंद होने की सूचना है, जबकि पिथौरागढ़ में 7 और बागेश्वर में 4 सड़कें बंद हैं. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने कहा कि प्रभावित जिलों में सड़क बहाली का काम चल रहा है. शुक्रवार शाम तक कई सड़कें फिर से खोल दी गई थीं, जबकि बाकी रुकावटों को हटाने के लिए मशीनरी और आपातकालीन टीमें तैनात थीं.
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IMD की चेतावनी
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक मॉनसून की गतिविधि जारी रहने की संभावना है. पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश की उम्मीद है. शनिवार को देहरादून, टिहरी, चमोली, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में तेज बारिश का अनुमान है. रविवार को उधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश हो सकती है, जबकि सोमवार को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में फिर से अच्छी बारिश होने की उम्मीद है.
'बेवजह यात्रा न करें'
मौसम विभाग ने 4 दिनों की पूर्वानुमान अवधि के दौरान हरिद्वार और उधम सिंह नगर में बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की भी भविष्यवाणी की है. अधिकारियों ने निवासियों और तीर्थयात्रियों को मौसम की स्थिति के बारे में अपडेट रहने और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में बेवजह की यात्रा से बचने की सलाह दी है.
निष्कर्ष
मानसून की भारी बारिश से पूरे उत्तराखंड में ट्रांसपोर्ट पर असर पड़ रहा है; भूस्खलन और मलबे के कारण दर्जनों सड़कें बंद हैं. हालांकि इमरजेंसी टीमों ने कुछ रास्तों पर ट्रैफिक बहाल कर दिया है, लेकिन मौसम के पूर्वानुमान बताते हैं कि और बारिश से नई मुश्किलें आ सकती हैं. स्थानीय लोगों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की आधिकारिक जानकारी पर नज़र रखें, यात्रा से जुड़ी सलाहों का पालन करें और जहाँ तक हो सके भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में जाने से बचें. अधिकारी कनेक्टिविटी बहाल करने और पूरे राज्य में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सड़कें साफ करने के काम में लगे हुए हैं.