Gorakhpur Nishad Samvidhanik Adhikar Yatra (अजीत सिंह): निषाद पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के नेतृत्‍व में आरक्षण की मांग को लेकर समाज के लोगों को जागृत करने के लिए अलग-अलग जिलों से होते हुए ‘संवैधानिक अधिकार यात्रा’ गोरखपुर शहर पहुंची। यहां पर निषाद समाज के लोगों को आरक्षण की मांग के लिए जागने की अपील करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ.संजय निषाद ने भाजपा के अंदरूनी खेमे में बैठकर पार्टी की छवि को खराब करने वाले नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि भाजपा में कुछ विभीषण नहीं होते तो बीते लोकसभा चुनाव में यूपी में 43 सीट नहीं हारते। गोरखपुर के रामनगर करजहां से संवैधानिक अधिकार यात्रा का शुभारंभ करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने निषाद समाज के लोगों को आरक्षण के अधिकारों के लिए जाग जाने की अपील की। कैबिनेट मंत्री डॉ.संजय निषाद ने कहा कि एकता में बल होता है। कुछ वि‍भीषण ऐसे हैं जो कह रहे थे, कि निषाद कहीं नहीं हैं। आंख मूंदकर वोट दे देंगे। इसका नतीजा यह रहा कि निषाद गुस्‍से में आ गए और 43 सीट हार गए। निश्चित रूप से बीजेपी में ऐसे विभीषण नहीं होते तो 43 सीट नहीं हारते। 2019 में लोकसभा चुनाव में गोरखपुर में 3.5 लाख वोट से जीता था। 2018 में सांसद की सीट जीते थे। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि आज 1 लाख वोट का अंतर हो गया। 2 लाख वोट कहां चला गया। अपनी पूंजी विभीषणों के चक्‍कर में नहीं गंवाने वाले हैं। भाजपा अपना गंवाए, लेकिन डॉ. संजय निषाद...निषादों को जगाए हैं। वे उन्‍हें दूसरी पार्टी में नहीं जाने देंगे। उन्‍होंने कहा कि 200 सीटें निषाद बाहुल्‍य हैं और उनके बेटे टोकरी नहीं उठाएंगे। उनका बेटा सिर पर गंदी टोकरी उठाता था। उन्‍हें सरकारी नौकरी चाहिए। वे उजड़े हुए हैं। भाजपा को चेताना उनका उद्देश्‍य है। हाथी, साइकिल और पंजा वालों ने गलती की और आज सत्ता से दूर हैं। दलालों ने कहा कि डॉ. संजय निषाद के पास वोट नहीं है। यूपी में 80 सीट में भाजपा 43 सीट हार गई।

निषादों को मिले उनका हक 

वे चाहते हैं कि भाजपा खुद जाने कि कौन विभीषण हैं और उनकी बातों में आकर आज निषादों का आरक्षण नहीं मिल पाया है। जो लोग मोदीजी, अमित शाह जी और योगीजी को गलत सूचना दे रहे हैं कि आरक्षण मिल जाएगा, तो डॉ. संजय निषादों का हीरो हो जाएगा। वे कहते हैं कि उनका सबकुछ ले लो, मंत्रालय ले लो, लेकिन निषादों का आरक्षण और उनका हक मिल जाए। विभीषण कहते हैं कि डॉ. साहब मलाई खा रहे हैं तो वे कहते हैं वे दवाई खाकर पूरे प्रदेश और देश को जगा रहे हैं। उन्‍होंने भाजपा प्रत्‍याशी रमेश बिधूड़ी के बयान पर कहा कि बयान आते रहते हैं। किसी के निजी बयान पर क्‍या कहना है, जिसको सत्‍ता समाज ने सौंपी हो उसकी बात करनी चाहिए। कांग्रेस अब मर चुकी है और उसकी बात नहीं करनी चाहिए। इसके पहले उन्‍होंने कहा कि गोरखपुर निषाद बाहुल्‍य सीट है। निषादों की संख्‍या यहां पर अधिक है। यहां पर राप्‍ती-रोहिन नदी बहती है। ये हर साल नदियों में डूब जाते हैं। ये जिसके साथ रहते हैं उसे तो पार कर देते हैं, लेकिन खुद ही मझधार में डूब रहे हैं और वे उन्‍हें जगा रहे हैं। गोरखपुर के निषादों का एक इतिहास रहा है। पूरे प्रदेश और देश में जगाया है और उन्‍हें सत्‍ता में लाया है। 13 जनवरी को महाराणा संकल्‍प दिवस है। वे पक्ष और विपक्ष के निषाद समाज के लोगों को अपील करते हुए कहते हैं कि पूरे देश से निषाद समाज के लोग आ रहे हैं।

विपक्ष पर निशाना साधा

डॉ. संजय निषाद ने कहा कि 13 जनवरी को लाखों की संख्‍या में लोग पूरे देश से आएंगे। इसमें सभी जा‍ति-धर्म के लोगों ने सहयोग देकर हाथी को सम्‍मान दिलाया है। उसी तरह से निषाद पार्टी को सहयोग करें, जिसने देश को आजाद कराने में अपना बहुमूल्‍य योगदान दिया है। वे सभी को 13 जनवरी को होने वाले निषाद पार्टी के कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री, उप मुख्‍यमंत्री और सभी को आमंत्रण देंगे। गोरखपुर के सभी पार्टी के समुदाय के लोग आकर उन्‍हें न्‍योता दे रहे हैं। अपना हक-हिस्‍सा लीजिए। उनके बच्‍चे का भविष्‍य भी इसी आरक्षण में है। वे आरक्षण के मुद्दे पर एक हो जाएं। इस आरक्षण से उनके बच्‍चे का भविष्‍य बनेगा। आप भी आसानी से विधायक हो जाएंगे। आप जहां लड़ेंगे, वहां बड़े लोग नहीं लड़ पाएंगे। ऐसे नहीं लड़ पाओगे, नहीं तो जमुना निषाद, महंत सिंह राजपूत, फूलन देवी जैसे ताकतवर नेता मारे गए। ऐसे सारे लोग अब राजनीति‍क रूप से मारे जाओगे। कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने आरक्षण नहीं मिलने के सवाल पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मछुआ समाज को आरक्षण मिलेगा। उनका प्रमाणिक दस्‍तावेज विपक्ष ने गायब कर दिया। 70 साल में पहली सरकार है। योगीजी मार्गदर्शक हैं और वो उनकी लड़ाई लड़ते रहे हैं। केवट, मझवार, मल्‍लाह अनुसूचित‍ जाति के हकदार हैं। अनुसूचित जाति की लिस्ट में लिस्टेड हैं। निषाद का बेटा सरकारी पैसे से पढ़ेगा। सरकारी नौकरी पाकर बढ़ेगा। इस अवसर पर डॉ अमित निषाद, रविन्द्र मणि निषाद, व्यास मुनि निषाद, विधायक सरवन निषाद, संतोष निषाद, सुनील निषाद, विजय निषाद, राधे श्याम निषाद, हरिवंश निषाद, देवमणि निषाद, डॉ. अरुण निषाद आदि मौजूद रहे। ये भी पढ़ें- ‘प्रयागराज चलो, ये महायुद्ध…’, खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने महाकुंभ को लेकर फिर दी ये धमकी