अनदेखी फिर न पड़ जाए भारी
लोकसभा चुनाव में उनकी सिफारिशों की अनदेखी से पार्टी को काफी नुकसान हुआ। परिणाम आने के बाद कई नेताओं ने उन पर निशाना साधा था। योगी को खराब परिणामों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। आरोप था कि उन्होंने कई दफा पार्टी वर्करों की अनदेखी की है। यही नहीं, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। जिसके बाद मामले में भाजपा आलाकमान को दखल देना पड़ा था। सूत्रों के अनुसार अगर पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा तो सीएम की छवि पर असर पड़ेगा। यह भी पढ़ें:चाकू गर्म कर जलाए प्राइवेट पार्ट, सौतेली मां ने पार की जुल्मों की हद; पिता की छुट्टी से खुला ये डरावना राज अब योगी ने प्रचार से लेकर कैंडिडेट्स के चयन को लेकर फ्रीहैंड मांगा है। वे उन इलाकों में अब सक्रिय हो चुके हैं, जहां वोटिंग होनी है। कई जगहों पर भरोसेमंद मंत्रियों को उतारा गया है। जिन सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें 5 पर सपा, 3 पर भाजपा और 1-1 पर रालोद और निषाद पार्टी को जीत मिली थी। यह भी पढ़ें:लव मैरिज की खौफनाक सजा, पिता ने इकलौती बेटी को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट; पुलिस ने जताई ये आशंका
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