UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में कल यानी 16 मई से मौसम अपना सबसे सख्त रूप दिखाने वाला है. मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक अब पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है, जिससे शनिवार से आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा. सूरज की सीधी किरणें धरती को तपाना शुरू कर देंगी, जिससे राज्य में गर्मी और भी विकराल रूप धारण कर लेगी. अभी तक जो थोड़ी-बहुत राहत मिल रही थी, वह कल से खत्म हो जाएगी और पूरे प्रदेश में तपिश का अहसास काफी ज्यादा बढ़ जाएगा. मौसम विभाग ने साफ किया है कि अब तापमान में गिरावट की कोई गुंजाइश नहीं है और आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और भी ज्यादा तीखे होने वाले हैं.

27 जिलों में लू का कहर और रिकॉर्ड तोड़ तापमान

शनिवार से उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में लू (हीटवेव) का दायरा फैल जाएगा. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, आगरा, इटावा और जालौन जैसे जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब हो सकते हैं. इन इलाकों में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. गर्म पछुआ हवाएं चलने से सड़क पर निकलना किसी आग की भट्टी के सामने खड़े होने जैसा महसूस होगा. लू के थपेड़े न केवल दिन में परेशान करेंगे, बल्कि अब रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जाएगी. राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है.

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दोपहर में बाहर न निकलने की सख्त सलाह

भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. लोगों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें. विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है क्योंकि इस दौरान सूरज की तपिश और लू का असर सबसे घातक होता है. गर्मी के साथ-साथ अचानक उठने वाली धूल भरी आंधी को लेकर भी सावधान रहने को कहा गया है. बच्चों और बुजुर्गों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि उन्हें लू और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे जल्दी होता है.

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खराब मौसम और आंधी से बचाव के उपाय

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगर कहीं धूल भरी आंधी या बिजली कड़कने जैसी स्थिति बनती है, तो लोग सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें. खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्ची दीवारों से दूर रहने की हिदायत दी गई है क्योंकि इनके गिरने से जान-माल का नुकसान हो सकता है. शरीर में पानी की कमी न होने दें और जितना हो सके तरल पदार्थों का सेवन करें. कल 16 मई से शुरू हो रहा यह गर्मी का दौर अगले कई दिनों तक जारी रह सकता है. ऐसे में प्रशासन ने सभी जिलों के अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा है ताकि हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके.

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