UP News: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा कमर्शियल प्लॉट को पट्टे पर देने का ट्रेंड, जानें क्या है कारण?
Edited By Naresh Chaudhary

प्रतीकात्मक तस्वीर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
real estate delhi ncr: दिल्ली समेत पूरा एनसीआर (NCR) आने वाले दिनों में प्रॉपर्टी के मामले में हॉटस्पॉट होने वाले हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रियल एस्टेट में वर्ष 2023 में रिटेल और कमर्शियल प्रॉपर्टी में बूम आएगा। यह रियल एस्टेट में इन्वेसट करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प भी हो सकता है।
जानकारों का कहना है कि स्टार्ट-अप और बहुराष्ट्रीय कंपनियां दिल्ली और एनसीआर में अपनी यूनिट्स, ऑफिस और स्टोर हाउस शुरू करने की योजना में हैं। आईटी सेक्टर में डेटा सेंटर की मांग ने एनसीआर में कमर्शियल प्रॉपर्टी को पट्टे पर देने की एक प्रथा शुरू कर दी है, जो तेजी से बढ़ रही है।
उधर, वाणिज्यिक क्षेत्र भी 20-25 प्रतिशत की वृद्धि दर से बढ़ने को तैयार है। खुदरा आय के भी 15 प्रतिशत के निशान को पार करने का अनुमान है और 2023 में इनकी कीमतों में 15 से 18 प्रतिशत की वृद्धि होने की भी संभावना है।
उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 ने दुनिया भर के निवेशकों के लिए गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में विस्तार का बेहतरीन मौका दिया है। राज्य सरकार ने भी व्यापार को आसान बनाने और निवेशकों को अनुकूल माहौल देने के लिए अपनी नीतियों को बदलने की संभावना जाहिर की है। इससे भारतीय रियल एस्टेट अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में वाणिज्यिक संपत्तियों की बढ़ती मांग ने किराए की आय में वृद्धि की है, जो निवेशकों के लिए आय का एक स्थायी स्रोत होगा। लंबी अवधि में निवेश पर अच्छे रिटर्न की गारंटी देने में भी मदद मिलेगी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ए-ग्रेड ऑफिस स्पेस और रिटेल रेंटल की मांग में कमी के कारण भी अच्छा संभावनाओं की उम्मीद है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वाणिज्यिक संपत्तियों की बढ़ती मांग के साथ, वाणिज्यिक अचल संपत्ति निवेश एक अलग निवेश पोर्टफोलियो बनता जा रहा है। जानकारों का मानना है कि जोखिम की कम आशंका के साथ यह निवेश करने का एक अच्छा विकल्प बनकर उभर रहा है।
आईथम वर्ल्ड के चेयरमैन संदीप साहनी कहते हैं कि डिमांड और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में भारी वृद्धि ने रिटेल स्थान को पट्टे पर देने को चलन शुरू हुआ है। कोरोना के बाद वाणिज्यिक अचल संपत्ति के लेनदेन में भी वृद्धि हुई है। आने वाली तिमाहियों में निश्चित रूप से अधिक मुनाफे में वृद्धि होगी। हम जल्द ही ग्रेटर नोएडा में स्थित 2.86 एकड़ में फैले आईथम गैलेरिया में फेज 1 का कब्जा वेस्टसाइड, क्रोमा, स्टारबक्स, जूडियो, केएफसी, चायोस आदि जैसे ब्रांडों को देने जा रहे हैं।
नए निवेशकों, लग्जरी और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की शुरुआत व मौजूदा ब्रांडों का दिल्ली-एनसीआर में नए स्थानों पर विस्तार आगे आने वाले समय के लिए अच्छा संकेत है। दूसरी ओर, खुदरा व्यवसायों ने घरेलू और बहु-राष्ट्रीय व्यवसायों, भोजन, सौंदर्य प्रसाधन, सौंदर्य और स्वास्थ्य-देखभाल वाले ब्रांडों के मामले में भी प्रमुख योगदान दिया है।
आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग कहते हैं कि महानगरीय शहरों और कस्बों में अच्छी आय वाली आबादी में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जो निश्चित रूप से आसपास के क्षेत्र में दुकानों और छोटे व मध्यम वर्ग के कारोबारों के लिए एक संतोषजनक स्थिति पैदा करता है। बहुत सारे राष्ट्रीय और स्थानीय ब्रांड ऐसी परियोजनाओं के लिए आतुर दिख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थित आरजी लग्जरी होम्स में एक शॉपिंग ऑर्केड के साथ आ रहे हैं, जिसमें लगभग 41,912 वर्ग फुट में समर्पित दुकानें, कियोस्क और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह होगी। इसके लिए हमें दैनिक आधार पर बड़ी संख्या में फीडबैक और पूछताछ प्राप्त हुई है।
क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के वाइस प्रेसिडेंट सुरेश गर्ग कहते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट को हमेशा आकर्षण का केंद्र माना जाता है। आवासीय और वाणिज्यिक मांग तेजी से बढ़ी है। यह विकास बाजार को अपनी ओर तेजी से आकर्षित तक रहा है। वास्तव में, वाणिज्यिक अचल संपत्ति, जो किराए, आरओआई और आय-उत्पादक संपत्तियों के रूप में आय उत्पन्न करती है, अब एक मांग वाला निवेश विकल्प बन गया है।
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