गाजियाबाद के लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, जिसे जानने के बाद हर कोई राहत की सांस लेगा. दरअसल, शहर के सबसे व्यस्त और जाम प्रभावित इलाकों में शामिल हापुड़ चुंगी पर अब ट्रैफिक की समस्या को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने संजयनगर सेक्टर 23 के एएलटी सेंटर से हापुड़ चुंगी होते हुए कविनगर थाने से आगे शास्त्रीनगर चौराहे तक फ्लाईओवर बनाने की योजना को आगे बढ़ा दिया है. इस परियोजना का उद्देश्य रोजाना इस रूट पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को छुटकारा दिलाना और शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है.

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125 करोड़ रुपये से बदल जाएगी तस्वीर

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई लगभग 1.2 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह राशि क्षेत्रीय अवस्थापना निधि से उपलब्ध कराई जाएगी. जीडीए को इस परियोजना के लिए शासन स्तर से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद अब इसे जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है. उम्मीद है कि फ्लाईओवर एएलटी सेंटर, हापुड़ चुंगी और शास्त्रीनगर को जोड़ते हुए यातायात को तेज और व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे न सिर्फ वाहन चालकों का समय बचेगा और सफर पहले से अधिक आरामदायक बनाएगा. अधिकारियों के अनुसार जून के आखिर तक टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जिसके बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो जाएगा.

एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जाने वालों को फायदा

वर्तमान में एएलटी सेंटर से हापुड़ चुंगी होते हुए डायमंड फ्लाईओवर के रास्ते बड़ी संख्या में वाहन एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर आते-जाते हैं. ऐसे में सुबह और शाम के पीक ऑवर में यहां अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है. नया फ्लाईओवर बनने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और हापुड़ चुंगी पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा. इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को आसानी होगी.

शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फ्लाईओवर गाजियाबाद की सड़क व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा. पहले कलेक्ट्रेट से सीबीआई अकादमी तक फ्लाईओवर बनाने पर भी विचार किया गया था, लेकिन मौजूदा ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एएलटी से शास्त्रीनगर मार्ग को प्राथमिकता दी गई. जीडीए अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का लक्ष्य सिर्फ जाम कम करना ही नहीं, बल्कि भविष्य की बढ़ती यातायात जरूरतों को भी पूरा करना है.

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