हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

UP में सीट बंटवारे पर फंसा पेंच, SP का ऑफर सुन कांग्रेस अपनी मांग पर अड़ी, पार्टी ले सकती बड़ा फैसला!

SP Congress Seat Sharing Formula: महाराष्ट्र और झारखंड की तरह उत्तर प्रदेश में भी सीट शेयरिंग पर पेंच फंस गया है। समाजवादी पार्टी के ऑफर से कांग्रेस खफा है और अपनी बात पर अड़ी है। नामांकन की तारीख खत्म होने में 4 दिन बाकी हैं और अभी तक गठबंधन उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाया है।

विज्ञापन
Akhilesh Yadav and Rahul Gandhi

Samajwadi Party Congress Clash on Seat Sharing: उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव होने हैं। खाली पड़ी 9 सीटों फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां, खैर, मीरापुर, सीसामऊ, कटेहरी, करहल, कुंदरकी पर उपचुनाव की घोषणा चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर को की थी। 18 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। नामांकन 25 अक्टूबर तक भरे जाएंगे।

13 नवंबर को वोटिंग होगी और 23 नवंबर को मतगणना होगी, लेकिन अभी तक समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन ने उपचुनाव उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है, क्योंकि दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ है। समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को 2 सीटें ऑफर की हैं, लेकिन कांग्रेस 5 से कम सीटों पर उपचुनाव लड़ना चाहती है। इसलिए दोनों के बीच अभी तक सीट शेयरिंग का फैसला नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें:16-16 बच्चे पैदा करो…MK स्टालिन का विवादित बयान, चंद्रबाबू नायडू भी जनसंख्या बढ़ाने के पक्षधर

विज्ञापन

सहमति न बनी तो उपचुनाव नहीं लड़ेगी कांग्रेस

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कहते हैं कि पार्टी इस बार 5 सीटें लेकर ही मानेगी। समाजवादी पार्टी 7 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी और 2 सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी। इससे कांग्रेस नाराज है और उपचुनाव के बॉयकॉट का फैसला ले सकती है। अगर फैसला लिया गया तो कांग्रेस समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार भी नहीं करेगी।

अजय राय का कहना है कि कांग्रेस हाईकमान को समाजवादी पार्टी के रुख और उनके रुख पर कांग्रेस के रिएक्शन से अवगत करा दिया है। कांग्रेस को भाजपा और उसके सहयोगी दलों द्वारा जीती गई सीटें मांगी हैं। अगर समाजवादी पार्टी नहीं मानेगी तो कांग्रेस भी नहीं झुकेगी। प्रदेश में पार्टी को स्टैंड करने के लिए यह 5 सीटें चाहिए, वरना उपचुनाव नहीं लड़ेंगे।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें:नवाब मलिक पर BJP-NCP में तनाव क्यों? नेता को महाराष्ट्र के चुनावी रण में उतारने को तैयार नहीं भाजपा

अजय राय ने लगाए अवहेलना के आरोप

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अजय राय कहते हैं कि सहयोगी दल की सहमति के बिना उम्मीदवारों की घोषणा करना गठबंधन धर्म की अवहेलना है। समाजवादी पार्टी गठबंधन के नियमों का पालन नहीं कर रही। समाजवादी पार्टी अकेले भाजपा ने नहीं भिड़ सकती। राहुल गांधी ने हाथ मिलाया था, तभी पार्टी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा के विजयी रथ को रोकने में कामयाब हो पाई थी।

विज्ञापन

कांग्रेस को हलके में लिया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस अपने हक की लड़ाई लड़ेगी। इस बार समझौता नहीं किया जाएगा। उपचुनाव में सीटों के बंटवारे से 2027 लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में गठबंधन पर असर पड़ सकता है। इसलिए समाजवादी पार्टी अपने फैसले पर विचार करे। कांग्रेस हाईकमान भी अखिलेश यादव से बात करके विवाद सुलझाए।

यह भी पढ़ें:‘अगर रेवेन्यू लाना है तो कोठा खोल दीजिए’; बिहार में शराबबंदी पर BJP नेता का विवादित बयान, मौतों पर बोले डिप्टी CM

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola