उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने आखिरकार यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है. इस साल 10वीं क्लास में 90.4 प्रतिशत और 12वीं में 80.3 प्रतिशत छात्र सफल रहे हैं जो उनकी मेहनत का फल है. राज्य भर के 8000 केंद्रों पर हुई इस परीक्षा के लिए कुल 53,37,778 छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था. 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चली इन परीक्षाओं के नतीजे घोषित होते ही बोर्ड की वेबसाइट्स पर ट्रैफिक का सैलाब उमड़ पड़ा है.
वेबसाइट पर ऐसे देखें अपनी मार्कशीट
रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर जाना होगा जहां होमपेज पर रिजल्ट का सीधा लिंक दिया गया है. जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करेंगे एक नया पेज खुलेगा जहां अपना रोल नंबर और अन्य लॉगिन डिटेल्स भरनी होगी. सबमिट बटन दबाते ही आपकी मेहनत का नतीजा स्क्रीन पर चमक उठेगा जिसे भविष्य के लिए डाउनलोड करना न भूलें. आगे की जरूरतों और एडमिशन प्रक्रिया के लिए मार्कशीट की एक हार्ड कॉपी अपने पास सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है ताकि बाद में कोई दिक्कत न आए.
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पिछले साल के मुकाबले कैसा रहा प्रदर्शन?
अगर हम साल 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार के नतीजे काफी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण नजर आ रहे हैं. पिछले साल हाईस्कूल का पासिंग प्रतिशत 90.11 फीसदी था जबकि इंटरमीडिएट में 81.15 फीसदी छात्रों ने सफलता का परचम लहराया था. इस साल 10वीं के नतीजों में मामूली सुधार देखा गया है लेकिन 12वीं के छात्रों के लिए मुकाबला थोड़ा कड़ा साबित हुआ है. बोर्ड ने इस बार 23 अप्रैल को शाम 4 बजे रिजल्ट जारी कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है जो पिछली बार के मुकाबले दो दिन पहले घोषित किया गया है.
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फेल होने पर न हारें हिम्मत, मिलेगा मौका
अगर कोई छात्र किसी वजह से एक या दो विषयों में 33 प्रतिशत अंक नहीं ला पाया है और फेल हो गया है तो उसे बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है. यूपी बोर्ड ऐसे छात्रों को अपना साल बचाने के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने का एक सुनहरा मौका देता है जिससे वे दोबारा परीक्षा देकर पास हो सकते हैं. हार मानने के बजाय छात्र इस विकल्प का इस्तेमाल कर अपनी कमियों को सुधार सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं. प्रशासन और शिक्षकों का भी यही कहना है कि एक परीक्षा का परिणाम जिंदगी का आखिरी फैसला नहीं होता इसलिए संयम बनाए रखें.
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