उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समाजवादी पार्टी के विधायक हंगामा करते नजर आए. सपा विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेपर लीक, किसानों को खाद-यूरिया, महंगाई और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई में सपा विधायक विधानसभा परिसर में करीब एक घंटे तक धरने पर बैठे. कुछ विधायक खाद-यूरिया की बोरी, दूध का कंटेनर और चढ़ावा चोरी लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे, जबकि कुछ ने पूरे शरीर पर बैनर लपेटकर विरोध जताया.

जब नाराज हुए स्पीकर

विधानसभा परिसर में हंगामा करने के बाद जब सदन के भीतर भी सपा विधायक वेल तक पहुंच गए और प्लेकार्ड लहराते हुए नारेबाजी करने तो विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इस पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि अगर आप लोगों ने चंदा दिया हो तो रसीद दिखाओ. इसके बाद समाजवादी पार्टी के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया. इसके चलते सदन को थोड़ी देर के लिए स्थगित करना पड़ा. इस दौरान भाजपा ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल हंगामा कर रहा है. 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी अभी से ही भाजपा सरकार के खिलाफ नया नैरेटिव गढ़ती नजर आ रही है.

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CM के संबोधन के वक्त भी हंगामा

जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में अपना संबोधन शुरू किया, उस वक्त भी विपक्ष के विधायक हंगामा कर रहे थे. सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष को न चर्चा में विश्वास है. विपक्ष द्वारा हाउस को लगातार डिस्टर्ब किया गया है. ये उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे.

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साथ ही उन्होंने कहा, लोकतांत्रिक मूल्यों पर जिन लोगों को विश्वास नहीं है, वो लोग लगातार उन सभी संस्थाओं को जो संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करते हैं, उनकी अवमानना और अपमान करते हैं. समाजवादी पार्टी और विपक्ष का ये आचरण न सिर्फ असंवैधानिक है बल्कि शर्मनाक भी है.

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इसके बाद विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने विपक्ष के विधायकों फटकार लगाई, उन्होंने विपक्ष के विधायकों को बाहर जाने को कहा.

मुख्‍यमंत्री के भाषण के दौरान लगातार विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही और सपा सदस्‍यों के इस व्‍यवहार पर नाराजगी जाहिर करते हुए अध्‍यक्ष ने सदन को बुधवार तक के लिए स्‍थगित कर दिया. अब सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी.

सीएम योगी का निशाना

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सदन से बाहर पत्रकारों से कहा कि विपक्ष ने सदन के नियमों का उल्लंघन करते हुए अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की मांग की, जबकि यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. मुख्यमंत्री ने कहा, 'पूरे राज्य ने आज विधानसभा में विपक्ष का व्यवहार देखा है. यह न केवल सदन का अपमान है, बल्कि अलोकतांत्रिक और शर्मनाक भी है.

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विधानसभा की कार्य संचालन नियमावली का हवाला देते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि अदालत, न्यायाधिकरण या आयोग के समक्ष लंबित मामलों पर आमतौर पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती, जब तक कि अध्यक्ष विशेष परिस्थितियों में इसकी अनुमति न दें. उन्होंने कहा कि सपा ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक और सर्वदलीय बैठक के दौरान सरकार को आश्वासन दिया था कि वह जिन मुद्दों को उठाना चाहती है, उनके लिए निर्धारित नियमों के तहत नोटिस देगी.