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मुस्कान-साहिल को क्या सजा हो सकती है? सौरभ की जान लेने वाली बात से दोनों मुकर गए तो...

सौरभ राजपूत हत्याकांड के मुख्य आरोपियों मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को कांड के लिए क्या सजा मिल सकती है? क्या दोनों को फांसी होगी या उम्रकैद की सजा सुनाई जा सकती है? दोनों का केस कौन लड़ेगा, इन बारे में अपडेट सामने आया है। आइए जानते हैं…

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Muskan Rastogi, Sahil Shukla

उत्तर प्रदेश में मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में नया अपडेट सामने आया है। सौरभ की जान लेने वाली उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और मुस्कान के बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला की करतूतें तो सामने आ चुकी हैं और अब दोनों जेल में भी हैं। पुलिस सबूत जुटा चुकी है, जो दोनों के खिलाफ हैं। एक बार दोनों अपना गुनाह कबूल भी कर चुके हैं। ऐसे में अब चर्चा यह छिड़ी है कि साहिल और मुस्कान को उनके किए की क्या सजा मिलेगी?

किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है? दोनों को एक जैसी सजा मिलेगी या अलग-अलग? दोनों को फांसी हो सकती है या उम्रकैद हो सकती है? दोनों अगर कोर्ट में अपने बयान से मुकर जाएं तो क्या होगा? कोई वकील दोनों का केस लेने का तैयार नहीं है तो इनकी पैरवी कोर्ट में कौन करेगा? क्योंकि पैरवी होगी, तभी सजा सुनाई जा सकेगी। सौरभ राजपूत की तरफ से कैस की पैरवी कौन करेगा तो आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं…

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कौन लड़ेगा साहिल-मुस्कान और सौरभ का केस?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी ने सरकारी वकील की मांग की है, क्योंकि परिजनों ने उनका साथ देने से इनकार कर दिया है और कोई वकील इनका केस लेने को तैयार नहीं है। वहीं सौरभ राजपूत के बड़े भाई राहुल के अनुसार, उन्होंने अभी वकील और केस की पैरवी को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि मुस्कान-साहिल को सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाएगा। दोनों की सरकारी वकील की अर्जी कोर्ट में पेश की जाएगी।

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दोनों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिल चुके

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी के खिलाफ मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में BNS की धारा 103 (क्लाज-1) यानी हत्या, 238-A यानी सबूत मिटाने के प्रयास के आरोप में केस दर्ज हुआ है। इन धाराओं के तहत कार्रवाई होने पर दोनों को एक जैसी सजा होनी चाहिए, क्योंकि दोनों का मकसद सौरभ को जान से मारना ही था, अब तक की बातों, सबूतों और सुरागों से यही स्पष्ट हुआ है। सौरभ की राजपूत का शव जिस हालत में मिला है, वह केस को क्लीयर कर रहा है।

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उम्रकैद-फांसी दोनों में से एक सजा संभव

पुलिस सबूत जुटा चुकी है और कड़ियों को जोड़ चुकी है। अगर साहिल और मुस्कान कोर्ट में अपने इस बयान से मुकर जाते हैं कि उन्होंने ही सौरभ की हत्या की है तो भी उनके खिलाफ इतने सबूत पुलिस को मिल चुके हैं कि कोर्ट में केस मजबूत बनेगा। हत्याकांड के लिए मुस्कान और साहिल को उम्रकैद की सजा हो सकती है। अगर जज को हत्याकांड क्रूरता से भरा या रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस लगता है तो दोनों को फांसी की सजा भी सुनाई जा सकती है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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