मुस्कान-साहिल को ये 7 सबूत दिलाएंगे सजा, जानें पुलिस को अब तक क्या मिला और क्या नहीं?

सौरभ राजपूत हत्याकांड के मुख्य आरोपियों मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिल चुके हैं। पुलिस ने क्राइम स्पॉट से भी साक्ष्य जुटाए हैं। आइए जानते हैं कि पुलिस के हाथ अब तक क्या-क्या लगा और क्या नहीं मिला है, जो चाहिए था?

Saurabh Rajput, Muskan Rastogi, Sahil Shukla

उत्तर प्रदेश के सौरभ राजपूत मर्डर केस के आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिल चुके हैं। ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस दोनों को लेकिन क्राइम स्पॉट पर पहुंची थी। पुलिस ने उस कमरे और बाथरूम से सभी सबूत जुटा लिए हैं, जहां वारदात अंजाम दी गई। पुलिस ड्रम, सौरभ की डेड बॉडी के टुकड़े, हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए दोनों चाकू, खून से सनी चादर, वह बेड जिस पर लेटे सौरभ के सीने में चाकू उतारा गया।

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बेड पर मिला मिक्सी का जार, बाथरूम में खून के धब्बे, मुस्कान का हैंडबैग, सूटकेस, कपड़े, कागजात, तकिए पर, बाथरूम की टाइल्स पर और टब से पर लगे खून के धब्बे भी कब्जे में लेकर जांच के लिए SFL लैब भेजे गए हैं। पुलिस के कमरे में जो सूटकेस मिला है, उस पर खून के धब्बे मिले हैं। पुलिस को शक है कि दोनों ने पहले सौरभ की डेड बॉडी को इस सूटकेस में डलाने की कोशिश की होगी। पुलिस के अब इन सबूतों की फोरेंसिक लैब रिपोर्ट का इंतजार है।

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मुस्कान ने पूछताछ में यह सब बताया

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने सौरभ के सीने में 3 बार चाकू मारा। शव के 4 टकड़े किए थे, जिन्हें दोनों ने तकिए के कवर में डाल दिया था। 2 चाकू ड्रम में ही सीमेंट में दबा दिए थे। दोनों ने सौरभ का सिर धड़ से अलग इसलिए किया, ताकि शव की पहचान न हो सके। दोनों हाथ भी कलाई से इसलिए काटे, ताकि सौरभ के फिंगर प्रिंट न मिलें और शव की पहचान ही न हो सके।

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मुस्कान ने अपने बयान में बताया कि उसने चाकू, सीमेंट, रेत, ड्रम और नींद की दवाई खरीदी थी। नींद की दवाई उसने एक बुजुर्ग को मोहरा बनाकर खरीदी थी। हालांकि पुलिस को दुकानों से CCTV नहीं मिल पाए, लेकिन दुकानदारों ने मुस्कान को पहचान लिया है। उन्होंने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। इन बयानों को पुलिस सबूत के आधार पर कोर्ट में पेश करेगी। हिमाचल साथ जाने वाले ड्राइवर अजब सिंह के बयान भी लिए गए हैं।

साहिल ब्रह्मपुरी इलाके में, सौरभ-मुस्कान इंद्रानगर कॉलोनी में रहते थे। मुस्कान का मायका और ससुराल भी इंद्रानगर में ही है। मुस्कान के खिलाफ मायके और ससुराल वालों के बयान भी पुलिस के पास हैं। पड़ोसियों और दोस्तों के बयान भी मुस्कान के खिलाफ हैं। मुस्कान के इरादों के बारे में सभी को पता था कि वह ऐशो आराम की जिंदगी चाहती थी, लेकिन सौरभ परिवार द्वारा बेदखल किए जाने के बाद उसे वह सब नहीं दे पा रहा था।

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पुलिस के पास शिमला, मनाली, कसोल में उन होटलों के CCTV फुटेज भी हैं, जहां वे दोनों रुके थे। दोनों के बर्थडे सेलिब्रेट करने, होली खेलने, बार में डांस करने के वीडियो भी पुलिस ने सबूत बनाए हैं। होटल स्टाफ ने भी साहिल और मुस्कान को पहचाना है।

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दुकानदारों के बयान…

1. मुस्कान ने 4 मार्च की सुबह करीब 10 बजे घंटाघर रोड से सैफुद्दीन की दुकान से ड्रम खरीदा था।

2. एक मार्च को मुस्कान खैरनगर के ऊषा मेडिकल स्टोर से नींद की दवा खरीदी थी। दुकानदार अमित ने उसे पहचाना और बताया कि मुस्कान ने डॉ अरविंद की लिखी स्लिप दिखाई थी और उसने उसे मिडाजोलम दवाई दी थी।

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3. मुस्कान ने शारदा रोड पर बनी सिंघल जी बर्तन स्टोर के मालिक अंकित से मटन काटने वाला चाकू खरीदा था।

4. मुस्कान और साहिल ने 4 मार्च की सुबह अजब सिंह की कैब बुक की थी। शिवा टूर एंड ट्रैवल्स के मालिक ने उनकी पहचान की है।

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पुलिस को इन सबूतों की तलाश…

पुलिस को 3 मार्च की रात को साहिल और मुस्कान की मूवमेंट के CCTV फुटेज नहीं मिले। सौरभ रात को करीब 9 बजे अपनी मां के घर आया था और वापस अपने किराये वाले घर तक गया था, लेकिन फुटेज नहीं मिला। करीब साढ़े 11 बजे साहिल मुस्कान के घर आया था, लेकिन फुटेज नहीं मिला। रात करीब 3 बजे मुस्कान-साहिल दोनों शव के 3 टुकड़े लेकर साहिल के घर गए थे, लेकिन फुटेज नहीं मिली।

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हत्या के बाद 4 मार्च की सुबह मुस्कान और साहिल ने शारदा नगर और घंटाघर बाजार बाजार में शॉपिंग करने गए थे, लेकिन फुटेज नहीं मिले। 18 मार्च को जब मुस्कान अपने मायके वाले घर गई थी तो उस समय की फुटेज नहीं मिली, क्योंकि रूट पर CCTV कैमरे नहीं लगे थे।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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