समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान सीतापुर जेल से बाहर आ गए हैं. कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है. इसी बीच अब एक और सपा नेता को कोर्ट से राहत मिली है. इरफ़ान सोलंकी को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है. ANI के मुताबिक, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सपा नेता इरफान सोलंकी और दो अन्य को गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले में जमानत दी है.
इरफान सोलंकी के वकील इमरान उल्लाह ने बताया कि यह मामला गैंगस्टर एक्ट से संबंधित है जो इरफान सोलंकी और अन्य संदिग्धों के खिलाफ वर्ष 2022 में दर्ज किया गया था, कथित तौर पर नवंबर में उनके द्वारा किए गए एक अपराध के आधार पर! जेल में रहते हुए उन्हें 6 और मामलों में फंसाया गया था क्योंकि उन्होंने दिसंबर 2022 में आत्मसमर्पण कर दिया था. उच्च न्यायालय ने उन्हें पहले के मामलों में और आज आखिरी मामले में जमानत दी है. कल वह बाहर आ सकते हैं.
सपा विधायक और इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी ने कहा, “मुझे आज बड़ी राहत मिली और मैं न्यायालय का धन्यवाद करती हूं. हमें यह केस लड़ते हुए 2 साल 9 महीने हो गए हैं.” इरफान सोलंकी के वकील इमरान अल्लाह ने कहा है कि इरफान सोलंकी पर लगभग 17 मामले थे, 2022 से पहले 7-8. 2022 के बाद, दो मामलों में गैंगस्टर के आरोप लगे. दिसंबर 2022 में उन्हें जेल भेज दिया गया, आज उनका आखिरी केस था और उन्हें जमानत मिल गई.
इरफान सोलंकी के साथ उनके भाई रिजवान सोलंकी और इसराइल अटेवाला को भी जमानत दे दी गई. राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल और अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया था. विज्ञापन इरफान सोलंकी की ओर से अधिवक्ता इमरान उल्लाह ने दलील दी कि इसी मामले में अन्य सह-अभियुक्तों को पहले ही जमानत मिल चुकी है.
सरकारी वकीलों ने जमानत दिए जाने का कड़ा विरोध करते हुए दलील दी कि इरफान मुख्य अभियुक्त है और इसलिए समानता के लाभ का हकदार नहीं है. बता दें कि इरफान सोलंकी महाराजगंज जेल में हैं.