अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर मचे बवाल के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा का बयान सामने आया है. शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह केस एक 'कलंक' है.
वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि लंबे अरसे तक चले राम मंदिर आंदोलन के बाद भगवान रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं. ऐसे में मंदिर से जुड़ी इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे हम सभी अपने आप को छोटा महसूस कर रहे हैं.
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि इस मामले को ट्रस्ट ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया जाएगा. इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में कभी भी ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे.
आरोपियों के 20 करीबियों के अयोध्या छोड़ने पर रोक
राम मंदिर अयोध्या दान चोरी मामले में 8 आरोपियों के संपर्क में रहे करीब 20 लोगों के जिला छोड़ने पर रोक लगा दी गई है. साथ ही पचास से ज्यादा लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया है.
यह भी पढ़ें- UP में योगी सरकार का बड़ा फैसला, कार्यकाल खत्म होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ही बने प्रशासक; जारी हुआ आदेश
राम मंदिर दान चोरी मामले में दो और आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी
राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस की जांच ने एक नया मोड़ लिया है. मिली जानकारी के अनुसार, अब अयोध्या पुलिस रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को सात दिन की रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है और इसके लिए पुलिस ने अदालत का रूख भी किया है. पुलिस का कहना है कि दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने पर इस मामले में और भी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं.
अयोध्या में ही रहेंगे चंपत राय
पूरे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने एक अहम फैसला लिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चंपत राय ने अपने करीबी लोगों से कहा है कि एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक वह अयोध्या नहीं छोड़ेंगे. साथ ही चंपत राय ने जांच में भी पूरा सहयोग देने की बात कही है.
नए सीईओ की नियुक्ति की तैयारी
राम मंदिर ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं को और पारदर्शी व मजबूत बनाने के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है.
13 जुलाई को होगी चढ़ावा प्रकरण की सुनवाई
वहीं, सुप्रीम कोर्ट अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के अनुरोध वाली याचिकाओं पर 13 जुलाई को सुनवाई करेगा. भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ सोमवार को इस मामले से जुड़ी तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.