उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. एसटीएफ प्रयागराज यूनिट और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह के बीच हुई मुठभेड़ में भानु प्रताप सिंह मारा गया. यह मुठभेड़ अयोध्या क्षेत्र में हुई, जहां एसटीएफ की टीम लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी.
भानु प्रताप पर थे 40 से ज्यादा मुकदमे दर्ज
भानु प्रताप सिंह पर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और डकैती सहित 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह लंबे समय से फरार चल रहा था. भानु प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए आजमगढ़, अंबेडकरनगर और गोरखपुर पुलिस द्वारा कुल 1.65 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. बताया जा रहा है कि यह एनकाउंटर अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में रविवार की देर रात को हुआ है.
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STF ने जिले की पुलिस को दी एनकाउंटर की सूचना
पुलिस के मुताबिक रविवार की रात करीब 11 बजे एसटीएफ के निरीक्षक जेपी राय ने महाराजगंज पुलिस को एमी घाट के पास बदमाशों से मुठभेड़ होने की सूचना देते हुए मदद मांगी. सूचना मिलने के बाद प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. वहां जानकारी मिली की मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों की एसटीएफ टीम से मुठभेड़ हो गई थी. मुठभेड़ के दौरान भानु प्रताप सिंह उर्फ बब्लू को गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. हालांकि उसका दूसरा साथी मौके से भाग निकला. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
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कौन था भानु प्रताप सिंह, जो एनकाउंटर में मारा गया?
पुलिस ने बताया कि भानु प्रताप सिंह उर्फ बब्लू गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विखानपुर गांव का रहने वाला था. वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था. भानु प्रताप के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों समेत लगभग 40 मुकदमे अलग-अलग जिलों में दर्ज बताए गए हैं. पुलिस भानु प्रताप सिंह को हार्डकोर अपराधी मानती थी और उसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी. एडीजी वाराणसी जोन पियूष मोर्डिया ने भानु प्रताप सिंह पर 1 लाख, डीआईजी अयोध्या सोमेन बर्मा ने 50 हजार और अयोध्या के एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने 15 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया था.
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