Lucknow Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर गाड़ी दौड़ाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बहुत अच्छी खबर है. इस बेहद आधुनिक एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है और इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी को पीएमओ कार्यालय से हरी झंडी मिल चुकी है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को जल्द ही इसके उद्घाटन की तारीख मिल जाएगी. लगभग 4700 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ यह एक्सप्रेसवे करीब 63 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 42 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से ग्रीनफील्ड है. इस बड़े उद्धाटन के साथ ही प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश को दो और बड़ी हाईवे परियोजनाओं की सौगात भी देने वाले हैं.
कानपुर-कबरई और बाराबंकी-बहराइच हाईवे का होगा शिलान्यास
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ ही जिन दो बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनमें बाराबंकी-बहराइच और कानपुर-कबरई मार्ग शामिल हैं. इन दोनों ही महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और निर्माण कार्य के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है. इसमें कानपुर-कबरई के बीच एक नया ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगा जो करीब 112 किलोमीटर लंबा होगा. इसकी निर्माण लागत तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक है और यह नया रास्ता कानपुर से फतेहपुर और हमीरपुर होकर गुजरेगा, जिससे इन शहरों के बीच का सफर बेहद आसान हो जाएगा.
बाराबंकी-बहराइच रोड होगी फोरलेन
दूसरी तरफ बाराबंकी-बहराइच के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 102 किलोमीटर लंबे दो लेन के हाईवे को अब फोरलेन में बदला जाएगा. इस बड़े प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की तरफ से सात हजार करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है. इस हाईवे को चौड़ा करने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम भी तेजी से शुरू कर दिया गया है. इसके तहत बहराइच जिले में 140 एकड़ और बाराबंकी जिले में 110 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है ताकि सड़क चौड़ीकरण का काम बिना किसी रुकावट के समय पर पूरा किया जा सके.
क्या होता है ग्रीनफील्ड हाईवे?
ग्रीनफील्ड हाईवे उसे कहते हैं जहां पहले से कोई सड़क मौजूद न हो और आसपास कोई आबादी न हो. ऐसे नए रास्तों के दोनों तरफ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं. इसके साथ ही इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों और हॉर्न के शोर को रोकने के लिए एक बेहद आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. आबादी वाले हिस्सों के पास 10 फीट ऊंचे साउंड बैरियर लगाए गए हैं जो विशेष एल्युमिनियम और स्टील फ्रेम से बने हैं. इस फ्रेम के बीच में एक खास तरह का सिंथेटिक फाइबर भरा गया है, जो वाहनों के शोर और हॉर्न की ध्वनि तरंगों को अपने अंदर सोख लेगा जिससे आसपास की घनी आबादी तक तेज आवाज नहीं पहुंचेगी.
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