Aligarh Moradabad Corridor: उत्तर प्रदेश में विकास और कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए एक और शानदार सड़क परियोजना पर काम तेजी से शुरू हो गया है. अलीगढ़ से मुरादाबाद के बीच बनने वाले इस नए हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अपनी कागजी और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस बेहद बड़े प्रोजेक्ट के तहत यह नया हाई-स्पीड कॉरिडोर अलीगढ़ जिले के कुल 45 गांवों से होकर गुजरेगा. इसके लिए एनएचएआई ने जिला प्रशासन से संबंधित गांवों के नक्शे और जमीन के रिकॉर्ड मांगे हैं, ताकि जमीन अधिग्रहण और कॉरिडोर के फाइनल रास्ते को जल्द से जल्द तय किया जा सके. यह कदम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला है.

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जमीनों के दाम में आएगा भारी उछाल

इस नए और आधुनिक कॉरिडोर की कुल लंबाई अलीगढ़ जिले के भीतर लगभग 33 किलोमीटर होने वाली है. इसमें गभाना तहसील के 14 गांव और कोल तहसील के 31 गांवों को शामिल किया गया है. जानकारों और जमीन के जानकारों का मानना है कि इस तरह के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने से आसपास के इलाकों में औद्योगिक निवेश बहुत तेजी से बढ़ता है. इस कॉरिडोर के किनारे नए कारखाने और बिजनेस हब बनने की पूरी संभावना है, जिससे इन सभी 45 गांवों में जमीनों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिलेगा. इससे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को सीधा आर्थिक लाभ होगा.

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जिला प्रशासन के साथ मिलकर शुरू हुआ काम

एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पूरी योजना की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अलीगढ़-मुरादाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम मैसर्स चैतन्या प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड को दिया है. यह कंपनी मैसर्स श्री भवानी कंसल्टेंसी सर्विसेज के सहयोग से इस पूरे रूट का सर्वे कर रही है. प्रोजेक्ट पर काम कर रही इन एजेंसियों को प्रभावित गांवों के सरकारी रिकॉर्ड और नक्शों की जरूरत है, ताकि बिना किसी विवाद के हाईवे के फाइनल अलाइनमेंट को जमीन पर उतारा जा सके.

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सफर का समय होगा आधा और उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार

यह ड्रीम प्रोजेक्ट केवल एक नई सड़क मात्र नहीं है, बल्कि यह अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच की दूरी और सफर के समय को बहुत कम कर देगा. अलीगढ़ में पहले से ही डिफेंस कॉरिडोर, ट्रांसपोर्ट नगर और ग्रेटर अलीगढ़ जैसी बड़ी योजनाएं चल रही हैं, ऐसे में इस नए रास्ते के बनने से निवेशकों के लिए यहां आना-जाना और माल पहुंचाना बेहद सुगम हो जाएगा. भारी वाहनों को एक अलग और तेज रास्ता मिलने से पुराने राष्ट्रीय राजमार्गों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा, जिससे जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी. इसके साथ ही इस सुरक्षित और हाईटेक रास्ते की वजह से सड़क हादसों में भी भारी कमी देखने को मिलेगी.

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