Mahakumbh 2025 AI Chatbot Kumbh Sahayak: उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी प्रयागराज में 45 दिवसीय महाकुंभ मेला 2025 लगने वाला है। महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 को पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व से होगी और यह 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि के दिन खत्म होगा। हर 12 साल बाद महाकुंभ लगता है। इसके अलावा 3 साल में कुंभ मेला लगता है। 6 साल में अर्धकुंभ मेला लगता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद महाकुंभ की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। वहीं इस बार योगी सरकार महाकुंभ के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक खास ऐप लॉन्च करेगी। जी हां, योगी सरकार का AI चैटबॉट ‘कुंभ सहायक’ लॉन्चिंग के लिए तैयार है। इस चैटबॉट से श्रद्धालुओं को क्लिक करने पर ही महाकुंभ की सभी जानकारियां मिल जाएंगी। आइए इस चैटबॉट के बारे में और इसके फीचर्स क्या हैं, वे कैसे काम करेंगे?
चैटबॉट कुंभ सहायक के फायदे
अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि पहली बार महाकुंभ में AI औ चैटबॉट टेक्नोलॉजी इस्तेमाल होगी। चैटबॉट हिंदी-अंग्रेजी के अलावा 10 से ज़्यादा भाषाओं में काम करेगा। इंटरैक्ट करते हुए Google नेविगेशन और GIF के साथ श्रद्धालुओं को जानकारियां प्रदान करेगा। इस चैटबॉट को महाकुंभ 2025 ऐप या व्हाट्सऐप के जरिए एक्सेस कर सकते हैं। इस चैटबॉट से लिखकर टाइप करके या बोलकर बातचीत की जा सकेगी।
टेक्स्ट और वॉयस दोनों तरीकों से यह चैटबॉट महाकुंभ के इतिहास, परंपराओं, साधुओं, अखाड़ों, प्रमुख स्नान घाटों, स्नान की तारीखों, घाट तक जाने के रूट, पार्किंग, ठहरने की जगहों के बारे में जानकारी देगा। कुंभ सहायक चैटबॉट में गूगल नेविगेशन भी की जा सकेगी। इसमें प्रयागराज के दर्शनीय स्थलों, मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों की जानकारी भी मिल जाएगी। चैटबॉट टूर पैकेजों, लोकल होटलों और होमस्टे-रिजॉर्ट की भी जानकारी देगा।
महाकुंभ 2025 में शाही स्नान की तारीखें
14 जनवरी 2025 – मकर संक्रांति
29 जनवरी 2025 – मौनी अमावस्या
3 फरवरी 2025 – बसंत पंचमी
12 फरवरी 2025 – माघी पूर्णिमा
26 फरवरी 2025 – महाशिवरात्रि
4 शहरों में लगता है महाकुंभ
महाकुंभ देशभर में सिर्फ 4 शहरों में लगता है। हरिद्वार में कुंभ मेला तब लगता है, जब जब सूर्य मेष राशि और बृहस्पति कुंभ राशि में विराजमान होते हैं। प्रयागराज में महाकुंभ तब लगता है, जब सूर्यदेव मकर राशि में विराजमान होते हैं। नासिक में महाकुंभ मेला तब लगता है, जब सूर्य और बृहस्पति एक ही राशि में होते हैं। उज्जैन में महाकुंभ तब लगता है, जब बृहस्पति सिंह राशि में और सूर्य मेष राशि में विराजमान होते हैं।