Lucknow Today Weather: राजधानी लखनऊ में आज, गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप निकली है, जिससे उमसभरी गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आज शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है. इससे पहले बुधवार को भी पारे में बढ़त देखी गई थी, जब अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 39.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था. वहीं कल का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.6 डिग्री ज्यादा यानी 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिससे रात में भी राहत नहीं मिल रही है.
अगले तीन दिन हीटवेव का अलर्ट
लखनऊ वालों के लिए आने वाले दिन और भी भारी गुजरने वाले हैं. मौसम विज्ञान विभाग ने राजधानी में अगले तीन दिन यानी 19, 20 और 21 जून को भीषण लू यानी हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी और पारा हर दिन 1-1 डिग्री बढ़ते हुए 43 डिग्री सेल्सियस के पार निकल जाएगा. मौसम विभाग ने इस जानलेवा गर्मी और तपिश को देखते हुए आम जनता को विशेष सतर्कता बरतने और दोपहर के समय बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है ताकि लू की चपेट में आने से बचा जा सके.
पांच दिनों तक शुष्क रहेगा मौसम
गर्मी से बेहाल लोगों को फिलहाल आसमान से राहत मिलती हुई नजर नहीं आ रही है. मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले 5 दिनों तक लखनऊ और आसपास के इलाकों में बारिश की कोई भी संभावना नहीं है. हालांकि इसके बाद 23 जून से आसमान में आंशिक रूप से बादल जरूर छाए रह सकते हैं, लेकिन उनसे पानी बरसने की उम्मीद बेहद कम है. मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की वजह से धूप का असर सीधा जमीन पर दिखेगा, जिससे वातावरण में गर्म हवाओं का थपेड़ा और तेज हो जाएगा. ऐसे में लोगों को अभी कुछ दिन और तीखी धूप का सामना करना पड़ेगा.
पूर्वांचल में लू का कहर
यूपी में मानसून की दस्तक से पहले मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं. तय समय पर बारिश न होने से प्रयागराज, वाराणसी और बलिया जैसे पूर्वांचल के जिलों में पारा एक बार फिर 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, जिसके लिए अगले 3-4 दिनों का रेड अलर्ट है. दूसरी तरफ लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे मध्य व पश्चिमी इलाकों में हवा में नमी बढ़ने से चिपचिपी और पसीने वाली गर्मी अपने चरम पर है. इस दोहरी मार से लोगों को असली और स्थायी राहत 24 से 25 जून के बीच मानसून की पहली भारी बारिश के बाद ही मिल पाएगी. तब तक यह दौर झेलना होगा.