Lucknow Water Tax Guide: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाले मकान मालिकों के लिए वॉटर टैक्स यानी जल कर का समय पर भुगतान करना बहुत जरूरी है. लखनऊ नगर निगम और लखनऊ जल संस्थान (जलकल विभाग) मिलकर पूरे शहर में साफ पानी की सप्लाई और सीवर सिस्टम की देखरेख करते हैं. पहले के समय में पानी का टैक्स जमा करने के लिए लोगों को जलकल विभाग के दफ्तरों में लंबी लाइनों में लगना पड़ता था, लेकिन अब पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया गया है. अब आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए घर बैठे ही कुछ ही क्लिक में अपना वॉटर टैक्स चेक कर सकते हैं और उसका पेमेंट भी आसानी से कर सकते हैं.
घर बैठे कैसे करें वॉटर टैक्स का ऑनलाइन भुगतान?
लखनऊ में वॉटर टैक्स ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया बेहद सरल और सुरक्षित है. इसके लिए सबसे पहले आपको लखनऊ जल संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट jklmc.gov.in पर जाना होगा. वेबसाइट के होम पेज पर आपको 'पे योर बिल' या 'ऑनलाइन बिल पेमेंट' का विकल्प दिखाई देगा. इस पर क्लिक करने के बाद आपको अपनी जलकल आईडी (Jalkal ID), नगर निगम हाउस आईडी या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. जैसे ही आप यह जानकारी भरकर सबमिट करेंगे, आपके सामने बकाया टैक्स की पूरी डिटेल आ जाएगी. इसके बाद आप नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई के जरिए तुरंत पेमेंट कर सकते हैं. सफल भुगतान के बाद आपको डिजिटल रसीद भी मिल जाएगी.
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लखनऊ में कितना लगता है वॉटर टैक्स?
लखनऊ में पानी के बिल की गणना अन्य शहरों की तरह केवल पानी की खपत के आधार पर नहीं होती है. लखनऊ जल संस्थान आपके मकान के एनुअल रेंटल वैल्यू (ARV) यानी संपत्ति के सालाना किराये के मूल्य के आधार पर वॉटर टैक्स तय करता है. सामान्य नियमों के मुताबिक, आवासीय संपत्तियों के लिए वॉटर टैक्स एनुअल रेंटल वैल्यू का लगभग 12.5 प्रतिशत होता है. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी घर का सालाना मूल्यांकन मूल्य या एआरवी 2,400 रुपये तक है, तो उसका पानी का बिल लगभग 50 रुपये महीना आता है. वहीं, जिन संपत्तियों का एआरवी 6,000 से 12,000 रुपये के बीच होता है, उन्हें हर महीने लगभग 250 रुपये के आसपास वॉटर टैक्स देना पड़ता है.
वॉटर टैक्स और वॉटर चार्ज में क्या है अंतर?
बहुत से लोग वॉटर टैक्स और वॉटर चार्ज को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इन दोनों में एक बड़ा कानूनी और व्यावहारिक अंतर है. वॉटर टैक्स एक प्रकार का प्रॉपर्टी टैक्स है, जो आपके मकान के साइज और लोकेशन (ARV) के आधार पर तय होता है, चाहे आप उस घर में पानी का इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं. यदि आपके इलाके में पानी की पाइपलाइन मौजूद है, तो आपको यह टैक्स देना ही होगा. इसके विपरीत, वॉटर चार्ज वह शुल्क होता है जो पानी के वास्तविक उपभोग या मीटर रीडिंग के आधार पर लिया जाता है. आसान शब्दों में कहें तो वॉटर टैक्स संपत्ति से जुड़ा एक अनिवार्य कर है, जबकि वॉटर चार्ज आपके द्वारा इस्तेमाल किए गए पानी की मात्रा की कीमत है.