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लखनऊ की जिस इमारत में आग से हुई थी 15 लोगों की मौत, उस पर चलेगा बुलडोजर?

22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी में मौजूद एक अवैध रूप से चलाई जा रही कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी. इस दर्दनाक हादसे में 15 युवाओं की जान चली गई थी, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे.

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लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड में शुक्रवार को विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है. लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम ने बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाने का नोटिस चस्पा किया है. इमारत के मालिकों को 15 दिनों का मौका दिया गया है. इमारत के निर्माण के दौरान मानचित्र में अनदेखी करने का मामला सामने आया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण के जोनल अफसर माधवेश कुमार और लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम ने नोटिस चस्पा किया है. 25 जुलाई को बिल्डिंग गिराए जाने पर फैसला लिया जाएगा.

बता दें, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हाल ही इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नर से जवाब तलब किया था. आयोग ने लखनऊ के डीएम और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ मांगी है.

यह भी पढ़ें : लखनऊ अग्निकांड की SIT रिपोर्ट तैयार, अब 6 IAS और 7 PCS अफसरों पर गिरेगी गाज!

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13 अफसरों पर गाज!

सूत्रों के मुताबिक, इस हादसे की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. रिपोर्ट में लखनऊ विकास प्राधिकरण के 6 IAS अधिकारियों, 7 PCS अधिकारियों और करीब 100 इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है. बताया जा रहा है कि जांच के दायरे में साल 2016 से 2024 के बीच जोन-4 और जोन-5 में तैनात रहे प्रवर्तन, जोनल और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी शामिल हैं. SIT ने अपनी जांच में य जानने की कोशिश की कि जिस इमारत में आग लगी, वहां निर्माण और संचालन के दौरान किन अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती थी और किस लेवल पर लापरवाही हुई.

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15 लोगों की गई थी जान

22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी में मौजूद एक अवैध रूप से चलाई जा रही कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी. इस दर्दनाक हादसे में 15 युवाओं की जान चली गई थी, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे. घटना के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए थे. जांच के दौरान सबसे बड़ा सवाल ये सामने आया कि रेसिडेंशियल लैंड्स पर सालों तक कमर्शियल एक्टिविटीज कैसे चलती रहीं.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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