हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'जज हमारा धर्म तय नहीं करेंगे', हिजाब को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर फूटा ओवैसी का गुस्सा

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने छात्राओं को स्कूल में हिजाब पहनने को लेकर इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले पर ऐतराज़ जताया है.

विज्ञापन
इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले पर भड़के ओवैसी (Photo: X)

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने छात्राओं को स्कूल में हिजाब पहनने को लेकर इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले पर ऐतराज़ जताया है. दरअसल, एक मुस्लिम स्टूडेंट ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर स्कूल ड्रेस के साथ हिजाब पहनने की इजाजत मांगी थी, जिसे खारिज कर दिया गया. ओवैसी ने हाई कोर्ट के फैसले को इस्लाम पर हमला बताते हुए कहा कि किसी भी कोर्ट को ये तय करने का हक नहीं है कि किस धर्म के लिए क्या जरूरी है और क्या नहीं.

ये भी पढ़ें: स्कूल यूनिफॉर्म में अपनी पसंद से हिजाब पहनने की अनुमति नहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

क्या बोले ओवैसी?

AIMIM प्रमुख ने कहा- ये हमारा धर्म है, इसलिए ये हम तय करेंगे कि क्या जरूरी है. ये तय करने वाले जज कौन होते हैं. ये हमारी धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा वार है. ओवैसी का मानना है कि इलाहबाद हाई कोर्ट का फैसला संविधान के अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार) के खिलाफ है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट में शबरीमाला केस पर नौ जजों की बेंच विचार कर रही है तो इलाहबाद हाई कोर्ट धर्म से जुड़े मामले पर टिप्पणी क्यों कर रहा है. ओवैसी ने कहा कि कोर्ट के ऐसे फैसलों से मुस्लिम बच्चियों पर बुरा असर पड़ेगा.

विज्ञापन

‘हिजाब पहनना उनकी मर्जी है’

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यूपी में वैसे ही स्कूलों में मुस्लिम छात्राएं बेहद कम है, अगर कोर्ट इस तरह के फैसले सुनाएगा तो छात्राओं को स्कूल जाने में और भी मुश्किल आएगी. उन्होंने आगे कहा कि हिजाब पहनना किसी भी लड़की की अपनी मर्जी है. ओवैसी ने कहा- ”वो अपने सिर पर हिजाब पहन रही है, दिमाग पर नहीं. समानता का मतलब ये नहीं होता कि हर किसी पर एक जैसा नियम जबरन थोप दिया जाए”. दरअसल, प्रयागराज की एक 11वीं क्लास की छात्रा ने हिजाब पहनने को लेकर याचिका दायर की थी. उसने 10वीं तक स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहना था, लेकिन 11वीं क्लास में आने के बाद हिजाब पर रोक लग गई. छात्रा ने हिजाब पहनने की अनुमति को लेकर इलाहबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसे खारिज कर दिया गया. कोर्ट ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को अपने नियम और यूनिफॉर्म कोड लागू करने का पूरा हक है.

ये भी पढ़ें: हिजाब और दुपट्टे पहन सकेंगी छात्राएं, लेकिन चेहरा दिखना जरूरी, पढ़ें महाराष्ट्र TET कैंडिडेट्स के लिए एग्जाम से जुड़े नियम

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola