FIR Registered Against Social Media Influencers: बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह और बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ टिप्पणी करना या इनके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक्शन लेते हुए 5 सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिन्होंने यह पोस्ट अपलोड की और वीडियो बनाए, उन्हें तलब करके पूछताछ के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले 2 दिन में दर्ज हुईं पांचों FIR, 10 आरोपी
पोस्ट में संपादित वीडियो के साथ मुख्यमंत्री की छवि खराब करने वाले अपमानजनक बयान भी शामिल हैं। सांसद कंगना रनौत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी और अमित शाह के छेड़छाड़ किए गए वीडियो बनाकर सांप्रदायिक कलह भड़काने वाले पोस्ट शामिल हैं। 5 FIR पिछले 2 दिन में लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई हैं और इनमें सोशल मीडिया अकाउंट प्रोफाइल के मालिक समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। FIR अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा दर्ज कराई गई हैं। FIR में सिर्फ पोस्ट का जिक्र है। इन्हें किसने पोस्ट किया और वीडियो किसने बनाए? अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है।
पांचों FIR में शिकायतकर्ताओं ने यह आरोप लगाए
हजरतगंज ASP अरविंद कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि FIR में आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एडिटेड वीडियो एक एक्स हैंडल पर अपलोड किया गया था। इस वीडियो ने उनके अनुयायियों की भावनाओं को आहत किया है और सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा दिया है। एक अन्य FIR में एक फेसबुक यूजर पर अपमानजनक पोस्ट शेयर करके मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। एक FIR में एक एक्स यूजर पर नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है।
IPC की 3 धाराओं के तहत दर्ज किए गए मामले
शिकायतकर्ता द्वारा FIR के साथ कथित पोस्ट और वीडियो का एक स्क्रीन शॉट भी पुलिस को दिया गया है। एक एक्स हैंडल के खिलाफ दायर FIR में दावा किया गया कि वह अमित शाह का एक छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो अपलोड करके सांप्रदायिक कलह को बढ़ावा दे रहा है। एक एक्स यूजर के खिलाफ यह आरोप लगाने के लिए एक प्राथमिकी दर्ज की गई है कि मायावती भाजपा के लिए काम कर रही हैं और उनके खिलाफ जातिवादी टिप्पणी भी की गई थी।
ASP के अनुसार, पांचों FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A (वैमनस्य या दुश्मनी की भावनाओं को बढ़ावा देने का प्रयास), 295A (अपमान या अपमान करने के इरादे से दुर्भावनापूर्ण कार्य), 505A (ऐसे बयान जिनसे सार्वजनिक रूप से शरारत होने की संभावना हो) के आरोपों के तहत दर्ज की गई हैं।