NEET 2024: IAS सुबोध कुमार कौन और विवाद से क्या कनेक्शन? जिस पर भड़के पैरेंट्स बोले- अनपढ़ है, पद से हटाओ

NEET 2024 Paper Leak Scam Result Controversy: नीट एग्जाम और रिजल्ट पर छिड़े विवाद के बीच IAS सुबोध कुमार की खूब किरकिरी हो रही है। एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के अभिभावक इन पर भड़के हुए हैं। जानिए कौन हैं और क्यों सुर्खियों में छाए?

NTA Director IAS Subodh Kumar Singh

NTA Director IAS Subodh Kumar Singh

विज्ञापन

NTA Director IAS Subodh Kumar Singh: NEET-UG एग्जाम पेपर लीक और रिजल्ट में गड़बड़ी का मुद्दा पिछले कुछ दिन से पूरे देश में छाया है। स्टूडेंट्स, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और सरकार तीनों कठघरे में हैं। विवाद की CBI जांच की मांग की गई है। विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस साल का एग्जाम रद्द होने के आसार बने हुए हैं। करीब 25 लाख स्टूडेंट़्स का भविष्य दांव पर लगा है। पेपर लीक होने के सुराग पुलिस के हाथ लग चुके हैं।

2 राज्यों से करीब 25 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं इस पूरे विवाद के बीच एक शख्स का नाम पिछले कई दिनों से अलग से सुर्खियों में है। जी हां, NTA के डायरेक्टर IAS सुबोध कुमार सिंह पेपर लीक और रिजल्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के पैरेंट्स के निशाने पर आ गए हैं। अभिभावक उन पर भड़के हुए हैं और उनकी खूब किरकिरी हो रही है। आइए जानते हैं कि आखिर सुबोध कुमार कौन हैं और उन पर क्या सवाल उठ रहे?

विज्ञापन

 

विज्ञापन

सुबोध सिंह का बयान सुनकर भड़के अभिभावक

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, NTA डायरेक्टर IAS सुबोध कुमार सिंह ने विवाद सामने आने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और पेपर लीक होने की संभावनाओं से इनकार किया। उन्होंने कहा था कि सिर्फ 6 सेंटरों और 1600 स्टूडेंट्स का विवाद है। 6 सेंटरों पर पेपर लेट दिया गया ओर 1600 स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देकर पास किया गया। इस बयान के बाद अभिभावकों ने उन्हें अनपढ़ कहा तो किसी ने पद से इस्तीफे की मांग की।

एक अभिभावक ने सवाल उठाए कि वे अनपढ़ हैं, जो किसी को 160 तो किसी को 100, किसी को 80 नंबर देकर टॉपर बना दिया। उनके रहते इतनी गड़बड़ी कैसे हो गई? क्या वे बेवकूफ हैं? उनकी एजुकेशन पर भी शक है? वो भी आरोपियों से मिला हुआ है। उसे पद से हटा देना चाहिए। इतने बच्चों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह किसी के सवालों का सही ढंग से जवाब नहीं दे पाया। उसे खुद को नहीं पता कि मामला क्या है? 1600 बच्चों के रिजल्ट में गड़बड़ी हो गई और सुबोध कुमार सिंह कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ, कैसे?

विज्ञापन

कौन हैं सुबोध कुमार सिंह?

सुबोध कुमार सिंह छत्तीसगढ़ कैडर के 1997 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के निवासी हैं और केंद्रीय खाद्य मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी रह चुके हैं। फिलहाल वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर हैं। सुबोध ने देश के टॉप IIT इंस्टीट्यूट रूड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में BE-ME किया। इग्नू से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में MBA किया। 1997 में UPSC क्रैक करे IAS अफसर बने और 1998 में उन्हें मंडला जिले में बतौर असिस्टेंट कलेक्टर की पहली नियुक्ति मिली। कोरिया के SDO बने, छत्तीसगढ़ राज्य अलग बनने पर बस्तर के पहले जिला पंचायत CEO बने। 2002 में रायगढ़ के कलेक्टर बने। मार्कफेड के डायरेक्टर भी रहे और अब NTA के डायरेक्टर हैं।

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ