पीएम मोदी की ओर से देश की अर्थव्यवस्था और संसाधनों को बचाने के लिए की गई विशेष अपील का असर उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बेहद अहम बैठक बुलाई है. बैठक में प्रदेश के भीतर 'वर्क फ्रॉम होम' और 'ऑनलाइन क्लासेज' जैसी व्यवस्थाओं को दोबारा प्रभावी ढंग से लागू करने पर गहन मंथन किया जा रहा है.

PM की अपील के बाद सरकार का बड़ा कदम

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की अपील के बाद राज्य सरकार ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए रणनीतिक तैयारी शुरू कर दी है. बैठक का मुख्य एजेंडा शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को वैकल्पिक मॉडल पर ले जाना है. सीएम योगी अधिकारियों के साथ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि अगर स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट किया जाता है, तो पढ़ाई की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित की जाए. विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' की गाइडलाइंस तैयार करने पर भी विचार हो रहा है.

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शिक्षा और संसाधनों की बचत पर फोकस

सरकार का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो. साथ ही, ईंधन की बचत और सार्वजनिक परिवहन पर दबाव कम करने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' को एक प्रभावी हथियार के रूप में देखा जा रहा है. अधिकारियों को निर्देश दिए जा सकते हैं कि वे तत्काल एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करें जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत लागू किया जा सके.

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आ सकते हैं कड़े दिशा-निर्देश

इस बैठक के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नई नियमावली या एडवाइजरी जारी की जा सकती है. कयास लगाए जा रहे हैं कि निजी क्षेत्र को भी इस मुहिम में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है. बैठक में शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं.

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पीएम मोदी ने क्या की थी अपील?

ईरान जंग की वजह से बढ़ते प्रभाव की बीच पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेस को बढ़ावा दें. साथ ही कहा था कि पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और एक साल तक सोना कम खरीदें.