उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव साल 2027 में होंगे, लेकिन उससे पहले राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव अपनी रणनीति के साथ आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। अखिलेश यादव ने मायावती की पार्टी बसपा को बड़ा झटका दिया। बीएसपी के बड़े नेता दददू प्रसाद हाथी की सवारी छोड़कर सपा में शामिल हो गए। उनके साथ सलाउद्दीन, देव रंजन नागर और जगन्नाथ कुशवाहा ने भी सपा ज्वाइन की।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा के बड़े नेता दददू प्रसाद को स्वागत किया और उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी के लोग अपनी योजनाओं को बताने में थकते नहीं हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को 10 साल हो गए, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। यह मुद्रा योजना नहीं, बल्कि झुट्ठा योजना है।
अयोध्या हारते ही कम्युनल हो गए बीजेपी के लोग: अखिलेश यादव
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लोग कहां-कहां से फर्जी आंकड़े लेकर आते हैं। क्या सच में 52 करोड़ लोगों को लोन मिला है। अगर सच में मुद्रा लोन मिला तो हर आदमी ने 2 लोगों को नौकरी दी तो देश से बेरोजगारी खत्म होनी चाहिए। किसको लोन दिया गया? क्या इन्होंने कभी टैक्स दिया, जीएसटी लिया गया? उन्होंने आगे कहा कि जब से ये अयोध्या हारे हैं तब से ये और ज्यादा कम्युनल हो गए हैं।
‘रामजी लाल के साथ कोई घटना हुई तो सीएम जिम्मेदार होंगे’
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अगर सपा सांसद रामजी लाल सुमन या किसी भी सपा नेता के साथ कोई घटना होती है तो इसके लिए खुद सीएम जिम्मेदार होंगे, क्योंकि मुख्यमंत्री ने खुद उस संगठन को अपना आशीर्वाद दिया है, जितने भी लोग आप वहां देख रहे हैं, हमें जाति की बात नहीं करनी चाहिए, लेकिन हम यहां जाति का संबंध देख सकते हैं। सीएम खुद इन सबको बढ़ावा दे रहे हैं। हिटलर के जमाने में सैनिक हुआ करते थे। इसी तरह उन्होंने एक छिपी हुई भूमिगत सेना तैयार की है, जो समय-समय पर लोगों का अपमान करती है।