Bahraich–Barabanki Road Set For Four Lane Upgrade: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो बहराइच-बाराबंकी रूट को एक आधुनिक फोर-लेन हाईवे में बदल देगा. तकरीबन 4,000 करोड़ रूपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में तकरीबन 102 किलोमीटर का रास्ता शामिल है और इसके 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है.
एडवांस सिस्टम लगाए जाएंगे
अधिकारियों की योजना है कि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक के बहाव को बेहतर बनाने के लिए अपग्रेड किए गए हाईवे में एडवांस्ड डिजिटल ट्रैफिक-मॉनिटरिंग सुविधाएं लगाई जाएं. इस कॉरिडोर में एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) होगा, जिसमें लगभग 50 CCTV कैमरे, स्पीड-मॉनिटरिंग रडार, इलेक्ट्रॉनिक इन्फॉर्मेशन बोर्ड और ऑटोमेटेड वॉर्निंग सिस्टम शामिल होंगे. ये तकनीकें सड़क की स्थिति पर नजर रखने और वाहन चालकों को रियल-टाइम अलर्ट देने में मदद करेंगी.
रात में ट्रैवल करना होगा आसान
सुरक्षा बढ़ाने के लिए, खासकर रात के वक्त सफर के दौरान, हाईवे पर बेहतर लाइटिंग, रिफ्लेक्टिव रोड साइन और लगभग दो किलोमीटर के अंतराल पर इमरजेंसी कम्युनिकेशन बूथ होंगे. लोकल ट्रैफिक के लिए और मेन रूट पर भीड़ कम करने के लिए मुख्य सड़क के साथ-साथ एक अलग सर्विस रोड भी बनाई जाएगी.
यूटिलिटी हब बनेगा
इस प्रोजेक्ट में 2 हाईवे यूटिलिटी हब का विकास भी शामिल है, जहां यात्री जरूरी सुविधाओं और सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. इसके अलावा, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के कोशिशों के तहत डिजाइन में रेनवाटर हार्वेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया जाएगा.
घट जाएगी लखनऊ तक की दूरी
काम पूरा होने पर, चौड़ा किया गया हाईवे बहराइच, बाराबंकी, लखनऊ और आस-पास के सीमावर्ती इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. हालांकि, अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य सड़क सुरक्षा में सुधार करना, दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना और रोजाना इस रूट का इस्तेमाल करने वाले हजारों लोगों को यात्रा का बेहतर अनुभव देना है. अपग्रेड किए गए कॉरिडोर के इस क्षेत्र में एक अहम ट्रांसपोर्टेशन लिंक बनने की उम्मीद है.